रिपोर्टर: सागर राठौर
Jabalpur : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की शाहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटोरी में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। लगभग सवा करोड़ रुपये की सरकारी राशि का आहरण करने के बावजूद कई निर्माण कार्य अधूरे पाए गए। इस गंभीर अनियमितता पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
एसडीएम जांच में हुआ वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा
Jabalpur क्षेत्रीय एसडीएम के नेतृत्व में गठित जांच दल और जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा की गई पड़ताल में यह बात स्पष्ट हुई कि पंचायत में निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही पूरी राशि निकाल ली गई थी। यद्यपि आहरित बजट से कुछ काम बाद में करवाए गए, लेकिन 15 से 20 लाख रुपये की लागत के कई कार्य अभी भी अधूरे पड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाद में कार्य पूर्ण कराना नियमों के उल्लंघन को न्यायसंगत नहीं ठहराता।
सरपंच पद से पृथक, पंचायत सचिव भी निलंबित
Jabalpur मामले में प्रशासनिक नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है:
- सरपंच पर कार्रवाई: जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच आरती लोधी को पद से बर्खास्त कर दिया है।
- सचिव पर गाज: नियम विरुद्ध तरीके से अग्रिम राशि निकालने और वित्तीय गड़बड़ी में संलिप्तता पाए जाने पर पंचायत सचिव जितेंद्र मेहरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
धारा 92 के तहत नोटिस जारी, सरकारी धन की होगी वसूली
Jabalpur प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय धन के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधूरे कार्यों और नियमों के विपरीत किए गए भुगतानों के संदर्भ में जिम्मेदार व्यक्तियों को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही गबन की गई राशि की शासकीय वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

