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रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्‍तव

Jharkhand Bed Association : झारखंड राज्य बीएड विभाग प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. विशेश्वर यादव ने सरकार द्वारा तैयार किए गए ‘सेल्फ फाइनेंस’ ड्राफ्ट पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह ड्राफ्ट पूरी तरह से पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो शिक्षकों और आम जनता के अधिकारों पर कुठाराघात करता है। संघ का तर्क है कि यदि इस ड्राफ्ट को मौजूदा स्वरूप में लागू किया गया, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होगी।

नियुक्ति प्रक्रिया, आरक्षण और सेवा अवधि में बदलाव की मांग

Jharkhand Bed Association प्राध्यापक संघ ने ड्राफ्ट की कमियों को उजागर करते हुए इसमें व्यापक सुधारों की वकालत की है। संघ की पहली मुख्य मांग है कि शिक्षकों की नियुक्ति में राज्य सरकार की तय आरक्षण नीति का पूर्णतः पालन होना चाहिए। इसके अलावा, 5 साल के अनुबंध या अंतराल की व्यवस्था को समाप्त कर शिक्षकों की सीधी व नियमित बहाली 65 वर्ष की आयु तक की जानी चाहिए, ताकि अध्यापकों का भविष्य सुरक्षित रहे और वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर अध्यापन कर सकें।

योग्य फैकल्टी, वित्तीय अनुदान और आउटसोर्सिंग का विरोध

Jharkhand Bed Association डॉ. विशेश्वर यादव ने जोर देकर कहा कि उद्योग विशेष से आने वाले शिक्षकों के पास भी यूजीसी (UGC) द्वारा निर्धारित सहायक प्राध्यापक जैसी न्यूनतम योग्यता होनी चाहिए। महज उद्योगपति होने के नाते किसी को भी कक्षाएं लेने की अनुमति देना शिक्षा के स्तर से खिलवाड़ है। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि सरकार सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों को वित्तीय सहायता या घाटा अनुदान प्रदान करे। गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती भी किसी निजी एजेंसी या आउटसोर्सिंग के बजाय सीधे सरकार द्वारा की जानी चाहिए, जिससे पैसों के लेन-देन और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सके।

सेवानिवृत्त शिक्षकों की पुनर्बहाली पर रोक और संशोधन की अपील

Jharkhand Bed Association संघ ने सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षकों से पुन: सेवा लेने के प्रावधान का भी विरोध किया है। उनका मानना है कि रिटायर्ड शिक्षकों के भरोसे पाठ्यक्रम चलाना न तो गुणवत्ता के दृष्टिकोण से उचित है और न ही इससे राज्य की गंभीर बेरोजगारी समस्या का समाधान होगा। इसके बजाय नए योग्य युवाओं को मौका मिलना चाहिए। अंत में, प्राध्यापक संघ ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि जनहित, शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस ड्राफ्ट में तुरंत आवश्यक संशोधन किए जाएं।

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