रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : अखिल भारतीय स्तर पर किसान, मजदूर और खेतिहर मजदूर संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जामताड़ा में जोरदार राष्ट्रव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ आयोजित किया गया। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में बनी रणनीति के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से करीब 300 से अधिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Jamtara सीपीआईएम कार्यालय से निकला जुलूस, अनुमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन
आंदोलन के तहत दोपहर 12 बजे सीपीआईएम पार्टी कार्यालय से कार्यकर्ताओं का एक बड़ा जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों और व्यस्त बाजारों से होता हुआ अनुमंडल कार्यालय परिसर पहुंचा। वहां आयोजित जनसभा में नेताओं ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आम जनता से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने की अपील की।
Jamtara लेबर कोड, महंगाई और कॉरपोरेट पर वक्ताओं ने साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर किसानों से किए गए वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नए लेबर कोड लागू कर मजदूरों के हक छीने जा रहे हैं, ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है और पक्की नौकरियां खत्म की जा रही हैं। बढ़ते बिजली-बीज विधेयक 2025, मनरेगा को कमजोर करने की साजिश, और आसमान छूती महंगाई के कारण किसान खेती छोड़ने पर मजबूर हैं, जिससे उनकी जमीनें कॉरपोरेट घराने को सौंपने का रास्ता साफ किया जा सके।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और छात्र उत्पीड़न पर जताई चिंता
नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। साथ ही जल, जंगल, जमीन के मुद्दों और अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई की भी तीखी भर्त्सना की गई। सभा में सुरजीत सिन्हा, लखनलाल मंडल, चंडीदास पुरी, मोहन मंडल, सचिन राणा, सुशांत राय, सोमालाल मिर्धा और साबिर हुसैन समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
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