रिपोर्टर: रतना मिश्रा
Saharsa : बिहार के सहरसा जिले में तैनात जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह ईओयू की टीमों ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अधिकारी के चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में लाखों रुपये की अवैध संपत्ति और करोड़ों रुपये के संदिग्ध बैंक लेनदेन का खुलासा हुआ है।
Saharsa चार अलग-अलग ठिकानों पर ईओयू की ताबड़तोड़ छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने एक साथ सहरसा, सीवान और छपरा में छापेमारी की। टीम ने अजीत अमर के सीवान जिले के रैनी गांव स्थित पैतृक और निजी आवास, सहरसा के नया बाजार स्थित किराए के मकान, उनके सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय तथा छपरा की गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक पासबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
Saharsa वैध आय से 72% अधिक संपत्ति और 2.5 करोड़ के लेनदेन का खुलासा
ईओयू की प्रारंभिक जांच के अनुसार, डीपीओ अजीत अमर ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 62 लाख 20 हजार 550 रुपये अधिक की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी वैध आय से लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा जांच एजेंसी ने पाया कि महज 32 महीने के सेवा काल के दौरान अजीत अमर और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2 करोड़ 51 लाख 6 हजार 562 रुपये से अधिक का बड़ा लेनदेन हुआ है, जिसके स्रोतों की जांच जारी है।
छपरा में तैनाती के दौरान लगे थे गंभीर आरोप
उल्लेखनीय है कि अजीत अमर करीब छह महीने पहले ही छपरा से स्थानांतरित होकर सहरसा में डीपीओ के पद पर पदस्थापित हुए थे। छपरा में पदस्थापना के दौरान भी उन पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए ईओयू ने प्राथमिक जांच दर्ज की थी, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। फिलहाल ईओयू की जांच जारी है और जल्द ही आधिकारिक ब्योरा जारी होने की उम्मीद है।

