TaratalaTaratala
Spread the love

रिपोर्टर: ओमकार प्रभाकर

Taratala Kolkata Warehouse Collapse : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से भीषण हादसा हो गया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से 22 अन्य लोगों के अभी भी मलबे के नीचे फंसे होने की गंभीर आशंका है। घटना के बाद से ही युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) चलाया जा रहा है।

Taratala Kolkata Warehouse Collapse ढलाई के वक्त ताश के पत्तों की तरह ढह गई तीन मंजिला इमारत

यह हादसा बुधवार को तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के समीप उस वक्त हुआ, जब एक तीन मंजिला वेयरहाउस (गोदाम) की छत की ढलाई (कास्टिंग) का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक पूरी छत भरभराकर नीचे गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे दर्जनों मजदूर मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का प्राथमिक आरोप है कि गोदाम के निर्माण में बेहद घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री (सामान) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके कारण यह बड़ा ढांचा लोड नहीं सह पाया और ढह गया।

Taratala Kolkata Warehouse Collapse प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: ‘धमाके जैसी आवाज हुई और गूंजने लगीं चीखें’

हादसे के समय सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले स्थानीय दुकानदार सुरिंदर साउ ने बताया कि दोपहर के वक्त अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब वे दुकान से बाहर भागे, तो निर्माणाधीन गोदाम जमींदोज हो चुका था। उन्होंने तुरंत स्थानीय निवासियों की मदद से पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सुरिंदर के अनुसार, मलबे के भीतर से लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। हादसे के वक्त वहां करीब 50 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे।

Taratala Kolkata Warehouse Collapseसरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, पीएम मोदी ने भी जताया दुख

इस भीषण हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा (सदन) में स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है:

  • मृतकों के आश्रितों को: ₹10 लाख की आर्थिक सहायता।
  • घायलों के इलाज के लिए: ₹1 लाख की अनुग्रह राशि।

इसके साथ ही, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए राहत राशि की घोषणा की गई है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।

ये भी पढ़े: MP Mandi Board Irregularities: मंडी बोर्ड में नियमों की धज्जियां, बिना परीक्षा पास किए जमे हैं कर्मचारी, अनुकंपा नियुक्ति और प्रभार के खेल पर उठे गंभीर सवाल