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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Himachal Pradesh HRTC Bus Strike : हिमाचल प्रदेश में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस सेवाएं ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं। HRTC के ड्राइवर और कंडक्टर यूनियन की राज्य सरकार के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा रही, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। यूनियन ने घोषणा की है कि 24 जून 2026 की रात 12 बजे से पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस फैसले से स्थानीय नागरिकों सहित पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

Himachal Pradesh HRTC Bus Strike ₹100 करोड़ के भत्ते और वेतन से जुड़ी ये 5 मुख्य मांगें बनीं विवाद की वजह

कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि सरकार लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारियों के वित्तीय हितों से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपये के भत्तों का भुगतान अभी तक अटका हुआ है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • नियत वेतन: हर महीने की पहली तारीख को सैलरी का अनिवार्य भुगतान हो।
  • महंगाई भत्ता (DA): लंबे समय से लंबित पड़े महंगाई भत्ते की राशि तुरंत जारी की जाए।
  • नाइट ओवरटाइम: रात में ड्यूटी करने वाले चालकों-परिचालकों का बकाया ओवरटाइम भत्ता दिया जाए।
  • मेडिकल रीइंबर्समेंट: चिकित्सा दावों (Medical Bills) के रुके हुए भुगतानों को मंजूरी मिले।
  • कार्रवाई वापस हो: यूनियन के पदाधिकारियों पर किए गए तबादलों और अनुशासनात्मक एक्शन पर सरकार पुनर्विचार करे।

Himachal Pradesh HRTC Bus Strike परिवहन विभाग के साथ बैठक रही बेनतीजा, यूनियन अध्यक्ष ने कहा— ‘झुकेंगे नहीं’

हड़ताल को टालने के लिए मंगलवार को परिवहन विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारी यूनियन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी, जो पूरी तरह असफल साबित हुई। यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ने बैठक के बाद कहा कि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने साफ किया कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का ठोस और लिखित समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका यह आंदोलन और चक्का जाम वापस नहीं लिया जाएगा।

Himachal Pradesh HRTC Bus Strike पहाड़ी इलाकों में परिवहन ठप होने की आशंका, आम जनता और पर्यटकों पर पड़ेगा सीधा असर

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में निजी वाहनों की कमी के कारण लोग पूरी तरह से HRTC की सरकारी बसों पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि 24 जून की आधी रात से बसें खड़ी हो गईं, तो दैनिक यात्रियों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और बाहरी राज्यों से आए सैलानियों (Tourists) को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, यात्रियों को अब भी उम्मीद है कि सरकार अंतिम क्षणों में कोई बीच का रास्ता निकालकर इस संकट को टाल देगी।

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