रिपोर्टर: संजीव कुमार
Bokaro : जिले में इन दिनों सूरज आग उगल रहा है और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भयंकर गर्मी और लू (हीट वेव) के बढ़ते प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए बोकारो जिला प्रशासन ने जिलेवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। बोकारो के उपायुक्त (डीसी) सह जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अध्यक्ष अजय नाथ झा ने आम जनता से अपील की है कि वे इस भीषण गर्मी में पूरी सतर्कता बरतें और प्रशासन द्वारा बताए गए बचाव के उपायों का सख्ती से पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
Bokaro दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बेवजह घर से न निकलें
दिन-प्रतिदिन बढ़ते पारे और चिलचिलाती धूप को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को दोपहर की कड़ी धूप से बचने की सख्त सलाह दी है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने निर्देश देते हुए कहा है कि सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक सूरज की किरणें और लू का असर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इसलिए, बहुत जरूरी कार्य होने पर ही इस समयावधि के दौरान घरों से बाहर निकलें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो शरीर को पूरी तरह से सूती कपड़ों से ढककर रखें, सिर पर छाता, टोपी या गमछा रखें और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए लगातार पानी पीते रहें।
Bokaro बच्चों की सेहत का रखा गया खास ध्यान: सुबह 10 बजे तक ही खुलेंगे स्कूल
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा और बुरा असर छोटे बच्चों के संवेदनशील स्वास्थ्य पर पड़ता है। जिला प्रशासन ने इस बात पर गंभीरता से गौर किया कि दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद छोटे बच्चों को कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बीच अपने घर लौटना पड़ रहा है, जो उनके लिए बेहद नुकसानदायक है। इसे ध्यान में रखते हुए डीसी ने जिले के सभी विद्यालयों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत, कक्षा एक (1) से लेकर कक्षा पांच (5) तक के सभी स्कूल अब केवल सुबह 10 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। इस अहम फैसले से छोटे बच्चों को चिलचिलाती धूप से काफी राहत मिलेगी।
कंपनियों में सत्तू की व्यवस्था और सभी अस्पताल ‘अलर्ट मोड’ पर
आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए बोकारो में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। जिले में कार्यरत सभी पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) और अन्य निजी कंपनियों को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यस्थलों पर कर्मचारियों और वहां आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी और ‘सत्तू’ की पर्याप्त व्यवस्था करें। देसी पेय पदार्थ सत्तू शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने और लू से बचाने में बेहद कारगर माना जाता है।
इसके साथ ही, हीट वेव से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति या स्वास्थ्य बिगड़ने की दशा से निपटने के लिए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है। स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे लू के मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार रहें।
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