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रिपोर्टर: प्रेम कुमार श्रीवास्‍तव

Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर अंतर्गत बहरागोड़ा प्रखंड में बुधवार को एक बड़ी तबाही का खतरा टल गया। स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले 227 किलोग्राम वजनी एक जिंदा बम को भारतीय सेना की बम निरोधक टीम (Bomb Disposal Squad) ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के समय का यह बम आज भी इतना शक्तिशाली था कि एक बड़ा विनाश कर सकता था, लेकिन सेना की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।

Jamshedpur द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत: दशकों बाद भी बरकरार थी मारक क्षमता

पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी के तट पर जब यह विशालकाय बम मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का है। हैरानी की बात यह है कि दशकों तक मिट्टी और पानी में दबे रहने के बावजूद इसकी विस्फोटक क्षमता और सक्रियता कम नहीं हुई थी। सेना के विशेषज्ञों ने माना कि यह एक “हाई-रिस्क” बम था, जिसे हिलाना भी खतरनाक साबित हो सकता था।

Jamshedpur ‘कंट्रोल्ड ब्लास्ट’: सेना की तकनीकी दक्षता का परिचय

बम को निष्क्रिय करने की कमान भारतीय सेना की 51 इंजीनियर रेजिमेंट ने संभाली। कैप्टन आयुष कुमार सिंह और नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह के नेतृत्व में टीम ने दो दिनों तक गहन तकनीकी आकलन किया।

  • रणनीति: रिहायशी इलाकों और पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए टीम ने नदी किनारे एक गहरा गड्ढा तैयार किया।
  • विस्फोट: बुधवार को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए एक नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) के जरिए बम को निष्क्रिय कर दिया गया। विस्फोट इतना सटीक था कि आसपास की किसी भी संपत्ति को कोई आंच नहीं आई।

Jamshedpur सुरक्षा घेरा और ग्रामीणों की राहत

ऑपरेशन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे स्वर्णरेखा नदी तट को सील कर दिया गया था और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी।

  • प्रशासनिक सतर्कता: लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को घरों के भीतर रहने और ऑपरेशन क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी गई थी।
  • जनता का आभार: पिछले 48 घंटों से दहशत के साये में जी रहे ग्रामीणों ने धमाके के बाद जब सुरक्षा की खबर सुनी, तो राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता की सराहना की।

अधिकारियों ने इस सफल अभियान के बाद जनता से अपील की है कि नदी किनारे या अन्य स्थानों पर कोई भी संदिग्ध धातु या वस्तु दिखने पर उसे छुएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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