Silver-Gold : वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ की भावी नीतियों को लेकर जारी अटकलों के बीच बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें ₹1,53,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गईं, जबकि चांदी में भी 2% तक का भारी उछाल देखा गया।
Silver-Gold MCX पर ताजा भाव और बाजार का रुख
बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही कीमती धातुओं में खरीदारी का माहौल बना रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ताजा आंकड़े इस प्रकार रहे:
- सोना (जून वायदा): लगभग 1.3% की बढ़त के साथ ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- चांदी (मई वायदा): करीब 2% के उछाल के साथ ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के चलते निवेशक एक बार फिर ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
Silver-Gold अमेरिका-ईरान तनाव और सीजफायर का प्रभाव
कीमतों में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने के फैसले से वैश्विक बाजार में मिश्रित संकेत गए हैं। हालांकि सीजफायर से बड़े युद्ध का खतरा टला है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी और शांति वार्ता के विफल होने की खबरों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसी अस्थिरता ने कीमतों को ऊपर की ओर धकेला है।
Silver-Gold फेडरल रिजर्व और ‘केविन वॉर्श’ फैक्टर
निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर टिकी हैं। नए फेड चेयर के रूप में केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नाम की चर्चा ने बाजार में नई बहस छेड़ दी है। वॉर्श को महंगाई के प्रति ‘हॉकिश’ (कठोर रुख रखने वाला) माना जाता है। यदि वे ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी रखते हैं, तो डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बनेगा। हालांकि, फिलहाल महंगाई और युद्ध के डर के चलते सोने में तेजी बरकरार है।
Silver-Gold गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश: 2026 का नया ट्रेंड
वित्त वर्ष 2026 में निवेश के पारंपरिक तरीकों के मुकाबले गोल्ड ETF ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। आंकड़ों के मुताबिक:
- कुल निवेश: इस अवधि में गोल्ड ETF में निवेश का आंकड़ा ₹68,867 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।
- रिटर्न: कई गोल्ड ईटीएफ ने पिछले एक साल में 60% से 75% तक का रिटर्न दिया है, जो शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरा है।
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