रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Muzaffarnagar : जनपद के चरथावल कस्बे में उस समय हर कोई दंग रह गया, जब ममता में अंधी हुई एक बंदरिया ने एक मासूम बच्चे को अपनी गोद में दबोच लिया। यह घटना जितनी डरावनी थी, उतनी ही भावुक भी, क्योंकि बंदरिया बच्चे को नुकसान पहुँचाने के बजाय उसे अपनी संतान की तरह दुलार रही थी। घंटों तक चले इस ड्रामे के बाद एक पशु प्रेमी की सूझबूझ से बच्चे को सकुशल छुड़ाया जा सका।
Muzaffarnagar संतान खोने का गम: बंदरिया की ‘ममता’ बनी मुसीबत
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह बंदरिया पिछले कुछ दिनों से काफी बेचैन थी क्योंकि हाल ही में इसके अपने बच्चे की मौत हो गई थी। अपने नवजात को खोने के दुख में डूबी बंदरिया ने जब इस मासूम बच्चे को देखा, तो उसकी ममता जाग उठी। उसने बच्चे को झपटकर अपनी गोद में भर लिया और उसे सहलाने लगी। वह बच्चे को लेकर किसी को भी अपने करीब नहीं आने दे रही थी, जिससे मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
Muzaffarnagar शोर नहीं, सूझबूझ आई काम: मोबाइल का ‘जादू’
बंदरिया के आक्रामक होने के डर से लोग उसे पत्थर या डंडे से डराने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि इससे बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। इसी बीच एक स्थानीय पशु प्रेमी ने स्थिति को संभाला। उसने बंदरिया की कमजोरी (जिज्ञासा) का फायदा उठाया और धीरे से अपना मोबाइल फोन उसकी ओर बढ़ाया। जैसे ही बंदरिया का ध्यान मोबाइल की स्क्रीन पर गया और उसकी पकड़ ढीली हुई, वैसे ही फुर्ती दिखाते हुए बच्चे को उसकी गोद से सुरक्षित खींच लिया गया।
Muzaffarnagar सुरक्षित रहा मासूम; इंटरनेट पर वायरल हुई घटना
राहत की बात यह रही कि बंदरिया ने बच्चे को खरोंच तक नहीं आने दी। वह उसे केवल एक माँ की तरह सीने से लगाकर बैठी थी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। लोग जहाँ बंदरिया के दुख और ममता के प्रति संवेदना जता रहे हैं, वहीं पशु प्रेमी की बुद्धिमत्ता की भी सराहना की जा रही है, जिसने बिना किसी हिंसा के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।
Also Read This: Singrauli: गनियारी मुक्तिधाम मार्ग बना ‘डेथ जोन’, खुले में मेडिकल कचरा फेंकने पर भड़के ग्रामीण, CMHO ने दिए FIR के आदेश

