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Delhi : पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भारत पर सैन्य कार्रवाई की योजना बनाने के आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह आधारहीन बताया और कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक असफलताओं और विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है।

जरदारी का दावा: “भारत युद्ध की तैयारी कर रहा है”

Delhi पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र में भाषण देते हुए जरदारी ने कहा कि भारत एक नए सैन्य संघर्ष की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को युद्ध के बजाय सार्थक बातचीत की मेज पर आने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि काबुल भारत का ‘प्रॉक्सी’ बनकर काम कर रहा है। उन्होंने अफगानिस्तान को चेतावनी दी कि वह अन्य देशों के महत्वाकांक्षाओं के लिए युद्ध का मैदान न बने।

भारत का जवाब: आतंकवाद का संरक्षक है पाकिस्तान

Delhi भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के ये आरोप निराधार हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान खुद आतंकी संगठनों को पनाह देता है और उनका समर्थन करता है। भारत ने कहा कि पड़ोसी देशों पर दोष डालना पाकिस्तान की पुरानी रणनीति रही है। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की भी निंदा की, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारत ने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान अब स्वतंत्र रूप से अपनी संप्रभुता का प्रयोग कर रहा है, और यही पाकिस्तान को बौखलाहट में डाल रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पिछली घटनाओं का प्रभाव

Delhi पाकिस्तान की यह चिंता मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष से जुड़ी है। उस समय पहलगाम में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मृत्यु हुई थी। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। चार दिन तक चले इस अभियान का असर पाकिस्तान के नेतृत्व पर आज भी दिखाई देता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान का डर और बयानबाजी बढ़ी है, और इसे भारत की ओर से किसी नई युद्ध की तैयारी के रूप में पेश करना सही नहीं है।

भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर न फोड़े और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में सहयोग करे।

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