Report by: Yogendra Singh
Etawah : नेशनल हाईवे-19 पर इंसानियत को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। दिल्ली और नोएडा से कोलकाता (पश्चिम बंगाल) जाने के लिए निकले 70 मजदूरों को एक बस चालक बीच रास्ते में लावारिस छोड़कर फरार हो गया। शेरपुर कोठी के पास दो दिनों तक महिलाएं और छोटे बच्चे भीषण गर्मी में भूख और प्यास से बिलखते रहे, जबकि चालक मजदूरों की मेहनत की कमाई लेकर रफूचक्कर हो गया।

Etawah चंदा जोड़कर ठीक कराया टायर, फिर भी मिला विश्वासघात
इन गरीब मजदूरों ने अपने घर पहुँचने की उम्मीद में ₹1.90 लाख की बड़ी राशि इकट्ठा कर एक डबल डेकर बस बुक की थी। सफर के दौरान जब बस का टायर फट गया, तो चालक ने हाथ खड़े कर दिए। घर पहुँचने की जल्दी में मजबूर मजदूरों ने अपनी जेब से चंदा जमा किया और टायर ठीक करवाया। लेकिन जैसे ही बस बकेवर इलाके में पहुँची, चालक ने चालाकी दिखाई और बस खड़ी कर चुपचाप भाग निकला। मजदूर दो दिनों तक इसी आस में सड़क किनारे बैठे रहे कि चालक वापस आएगा, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला।


Etawah इटावा पुलिस का मानवीय चेहरा: थाना प्रभारी ने खुद संभाला मोर्चा
जब इस हृदयविदारक घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को मिली, तो बकेवर थाना प्रभारी विपिन कुमार तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। मजदूरों और बच्चों की हालत देख पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाई। पुलिस टीम ने तुरंत इन भूखे-प्यासे लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। इसके बाद, थाना प्रभारी ने उच्च अधिकारियों के समन्वय से एक अन्य वाहन का प्रबंध किया और सभी 70 मजदूरों को पश्चिम बंगाल के लिए सुरक्षित रवाना किया।
Etawah डग्गामार बसों का अवैध जाल और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
यह मामला हाईवे पर संचालित होने वाली अवैध डग्गामार बसों के खौफनाक चेहरे को दर्शाता है। ये बस संचालक अधिक मुनाफे के लालच में न केवल यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। ₹1.90 लाख जैसी मोटी रकम ऐंठने के बाद मजदूरों को मरने के लिए छोड़ देना एक गंभीर अपराध है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार बस चालक व बस मालिक की तलाश की जा रही है।
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