North Korea Misile AttackNorth Korea Misile Attack
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North Korea Misile Attack : वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने एक बार फिर दुनिया को दहला दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी सैन्य गहमागहमी का फायदा उठाते हुए उत्तर कोरिया ने रविवार को एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। इस अचानक हुए हमले जैसे परीक्षण के बाद जापान सरकार ने देश में नेशनल इमरजेंसी (राष्ट्रीय आपातकाल) की घोषणा कर दी है।

North Korea Misile Attack सिन्पो से दागी गईं मिसाइलें, जापान और दक्षिण कोरिया अलर्ट

दक्षिण कोरियाई सेना (Joint Chiefs of Staff) के अनुसार, उत्तर कोरिया के सिन्पो क्षेत्र से छोटी दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें पूर्वी समुद्र की ओर छोड़ी गईं। इन मिसाइलों ने समुद्र में गिरने से पहले लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय की। सिन्पो क्षेत्र उत्तर कोरिया का प्रमुख पनडुब्बी निर्माण केंद्र है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि क्या ये मिसाइलें पनडुब्बी से दागी गई थीं। यदि ऐसा है, तो यह उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमता में एक बड़ा और खतरनाक इजाफा माना जाएगा।

North Korea Misile Attack आईएईए (IAEA) की चेतावनी के बाद भी नहीं रुके किम जोंग

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ‘IAEA’ ने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम में “अत्यधिक गंभीर” प्रगति देखी गई है। संस्था के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु निर्माण सुविधाओं में “तेज वृद्धि” की पुष्टि की थी। लेकिन किम जोंग उन ने इन चेतावनियों को दरकिनार करते हुए रविवार सुबह यह परीक्षण कर अपनी मंशा साफ कर दी है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने इस पर आपातकालीन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है और उत्तर कोरिया से इन उकसावे वाली हरकतों को तुरंत रोकने की मांग की है।

North Korea Misile Attack कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति?

जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम केवल सैन्य परीक्षण नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक चाल भी हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आगामी बीजिंग यात्रा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली शिखर बैठक से ठीक पहले ये मिसाइलें दागना, अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश मानी जा रही है। उत्तर कोरिया चाहता है कि भविष्य की वार्ताओं में उसे एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में स्वीकार किया जाए और उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाए।

North Korea Misile Attack जापान की कड़ी आपत्ति और अंतरराष्ट्रीय चिंता

जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तर कोरिया की यह हरकत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है। जापान ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया है। उधर, अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने बयान जारी कर कहा है कि वह अपने सहयोगियों (जापान और दक्षिण कोरिया) की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फिलहाल, पूरे प्रशांत क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा एजेंसियां मिसाइलों के मलबे और तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर रही हैं।

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