Report by: Ganesh Singh
Rudraprayag : ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम की यात्रा का बहुप्रतीक्षित क्षण आ गया है। रविवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली धाम के लिए रवाना हो गई। इसके साथ ही केदारघाटी में भक्ति और उल्लास का वातावरण छा गया है, जहाँ हजारों श्रद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े।
Rudraprayag सेना के बैंड की धुन और ‘हर-हर महादेव’ का उद्घोष
रविवार सुबह करीब 9 बजे धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद बाबा की डोली को मुख्य मंदिर से बाहर लाया गया। भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों और भक्तों के गगनभेदी जयकारों के बीच डोली यात्रा ने अपना सफर शुरू किया। फूलों से सजी उत्सव डोली को कंधा देने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। पूरी केदारघाटी ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के नारों से गुंजायमान हो उठी।
Rudraprayag फाटा होगा पहला पड़ाव, प्रशासन ने चाक-चौबंद की सुरक्षा
परंपरा के अनुसार, पंचमुखी डोली अपने पहले पड़ाव के लिए फाटा रवाना हुई है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य शिविर और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। डोली अगले कुछ दिनों में विभिन्न पड़ावों से होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी।
Rudraprayag 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट
उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की प्रतीक यह यात्रा 22 अप्रैल 2026 को अपने गंतव्य पर पूर्ण होगी। उसी दिन सुबह 8:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही हिमालय की गोद में अगले छह महीनों के लिए बाबा की पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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