Report by: Ganesh Singh
Mussoorie : पहाड़ों की रानी मसूरी में रेडी-पटरी व्यापारियों का आंदोलन अब उग्र रूप ले रहा है। अपनी मांगों को लेकर पिछले 12 दिनों से शहीद स्थल पर धरना दे रहे व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘रेडी-पटरी जन कल्याण समिति’ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सांकेतिक धरने को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल देंगे।
Mussoorie माल रोड पर वापसी की मांग, रोजी-रोटी का गहराया संकट
व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता माल रोड पर उनके बैठने की जगह को लेकर है। समिति के अध्यक्ष रामकिशन राही और महासचिव संजय टम्टा ने बताया कि पहले वे माल रोड पर व्यापार कर अपना घर चलाते थे, लेकिन वर्तमान प्रतिबंधों ने उनकी कमर तोड़ दी है। व्यापारियों का तर्क है कि जब तक प्रशासन शहर में व्यवस्थित और सुविधाजनक वेंडिंग जोन तैयार नहीं कर लेता, तब तक उन्हें उनके पुराने स्थानों पर ही व्यवसाय करने की छूट दी जाए।
Mussoorie आर्थिक तंगी और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर
प्रेस वार्ता के दौरान व्यापारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि 12 दिनों से काम-धंधा बंद होने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने दयनीय हैं कि कई छोटे व्यापारियों को अपने बच्चों की स्कूल फीस भरने में भी दिक्कत आ रही है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 25 अप्रैल तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे सामूहिक रूप से भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
Mussoorie वेंडिंग जोन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान
समिति ने नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित नए वेंडिंग जोन की व्यवहार्यता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा बनाए गए जोन न तो ग्राहकों के लिए सुलभ हैं और न ही व्यापारियों के हित में। साथ ही, उन्होंने माल रोड पर बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक अव्यवस्था की ओर भी ध्यान दिलाया। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि उनके हक में फैसला नहीं आता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
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