Shambhavi Pathak: अजित पवार के विमान की पायलट थीं शांभवी पाठक
Shambhavi Pathak: देश के लिए गर्व का प्रतीक रहीं ग्वालियर की बेटी पायलट शांभवी पाठक के निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। शांभवी उस विमान की पायलट थीं, जिससे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार यात्रा कर रहे थे। एक होनहार, अनुशासित और समर्पित पायलट के रूप में उनकी पहचान थी। उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे विमानन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
ग्वालियर से जुड़ा रहा शांभवी का बचपन और शिक्षा
शांभवी पाठक का बचपन ग्वालियर की एयर फोर्स कॉलोनी में बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्वालियर स्थित एयर फोर्स नंबर वन स्कूल से पूरी की। बचपन से ही उनके जीवन में अनुशासन, देशसेवा और उड़ान के प्रति गहरा लगाव देखने को मिलता था। एयर फोर्स परिसर में पले-बढ़े होने के कारण उन्हें बचपन से ही विमान और पायलट बनने का सपना प्रेरित करता रहा।
एयरफोर्स प्रशिक्षण से प्रोफेशनल पायलट तक का सफर
शांभवी ने वर्ष 2016 से 2018 के बीच भारतीय वायुसेना से जुड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इस दौरान उन्होंने तकनीकी दक्षता के साथ-साथ अनुशासन और जिम्मेदारी का गहरा अनुभव हासिल किया। वह मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब की सक्रिय सदस्य भी थीं, जहां उन्होंने अपने उड़ान कौशल को और निखारा। उनके साथी और प्रशिक्षक उन्हें एक आत्मविश्वासी और मेहनती पायलट के रूप में याद करते हैं।
परिवार की विरासत और देश के लिए समर्पण
शांभवी पाठक के पिता भी भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुके थे। ऐसे माहौल में पली-बढ़ी शांभवी के जीवन में देशसेवा एक स्वाभाविक मूल्य के रूप में शामिल रही। उन्होंने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि ग्वालियर और मध्य प्रदेश को भी गर्व महसूस कराया। उनके निधन की खबर के बाद ग्वालियर सहित पूरे देश में शोक व्यक्त किया जा रहा है।
शांभवी पाठक का जाना एक अपूरणीय क्षति है। उनका साहस, समर्पण और उड़ान के प्रति जुनून हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
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