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by-Ravindra Sikarwar

10 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 पर एक कार में हुए भयानक विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस घटना में कम से कम 8 से 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए, जबकि आसपास के कई वाहन आग की चपेट में आ गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की सड़कें मलबे और जले हुए वाहनों से पट गईं, और स्थानीय बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने तत्काल प्रभाव से देशभर के प्रमुख स्थलों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया, जिसमें हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, सरकारी भवन, धरोहर स्थल और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सीआईएसएफ के महानिदेशक ने कहा कि सभी सुरक्षित स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और कर्मी पूर्ण सतर्कता के साथ तैनात हैं। यह अलर्ट न केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित है, बल्कि मुंबई, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में भी लागू किया गया है।

घटना का पूरा विवरण: कार में विस्फोट कैसे हुआ?
घटना शाम करीब 6:52 बजे घटी, जब एक ह्यूंडई i20 कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से रुकी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में सवार तीन से चार संदिग्ध व्यक्तियों ने विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और आसपास के 22 वाहनों को नुकसान पहुंचा। आग तेजी से फैली, जिसमें तीन ऑटो-रिक्शा और कई अन्य कारें जलकर खाक हो गईं। दिल्ली अग्निशमन विभाग को सूचना मिलते ही 20 से अधिक फायर इंजन मौके पर पहुंचे, और आग को शाम 7:29 बजे तक नियंत्रित कर लिया गया। घायलों को लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मौतों की पुष्टि की। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में 30 से अधिक घायल भर्ती हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर थी।

प्रारंभिक जांच में विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल से बना सुधारात्मक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) पाया गया। दिल्ली पुलिस ने यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जो आतंकी साजिश की ओर इशारा करता है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई हैं। संदिग्ध कार का नंबर हरियाणा का था, और इसका मालिक हिरासत में है। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पुरानी तस्वीरें (जैसे लेबनान के हमले की) को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने फर्जी करार दिया।

सीआईएसएफ का हाई अलर्ट: प्रमुख स्थलों पर क्या उपाय?
सीआईएसएफ, जो देशभर के 300 से अधिक हवाई अड्डों, मेट्रो सिस्टम, सरकारी भवनों और धरोहर स्थलों की सुरक्षा करती है, ने इस घटना के तुरंत बाद पूरे देश में हाई अलर्ट सक्रिय किया। अलर्ट के तहत निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए गए हैं:

स्थल/क्षेत्रउठाए गए उपाय
हवाई अड्डे (जैसे आईजीआई)अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, रैंडम फ्रिस्किंग, वाहन जांच और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई। यात्रियों को फोटो आईडी अनिवार्य।
मेट्रो स्टेशन (दिल्ली मेट्रो)स्टेशनों पर गश्त बढ़ाई, संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी, एंट्री पॉइंट्स पर बैग स्कैनिंग सख्त। लाल किला स्टेशन अस्थायी रूप से बंद।
सरकारी भवनमंत्रालयों, संसद भवन और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों के आसपास नाकाबंदी, ड्रोन निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट पर कार्रवाई।
धरोहर स्थल (जैसे रेड फोर्ट)स्थल को तीन दिनों के लिए बंद, आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त और वाहन प्रतिबंध।
रेलवे स्टेशनदिल्ली-एनसीआर के सभी स्टेशनों पर अलर्ट, प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और यात्री जागरूकता अभियान।

सीआईएसएफ ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं पर विशेष नजर रखी जाए। दिल्ली मेट्रो के अलावा मुंबई, कोलकाता और अन्य शहरों की मेट्रो सिस्टम पर भी यही उपाय लागू हैं।

अन्य राज्यों में अलर्ट: व्यापक सुरक्षा नेटवर्क
यह अलर्ट दिल्ली तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों (जैसे अयोध्या राम मंदिर, वाराणसी घाट, ताजमहल) और सीमावर्ती जिलों पर विशेष निर्देश दिए। मुंबई में पुलिस ने रेलवे स्टेशन (सीएसएमटी, एलटीटी), एयरपोर्ट, मॉल और बाजारों पर गश्त बढ़ाई। बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में स्थानीय पुलिस ने नाकाबंदी और खुफिया जानकारी साझा करने के आदेश जारी किए। पश्चिम बंगाल में एडन गार्डन्स और क्रिकेटरों के होटलों की सुरक्षा मजबूत की गई। भारत-नेपाल सीमा पर बीएसएफ ने निगरानी तेज कर दी है।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया: उच्च स्तरीय बैठकें और शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर चर्चा की और स्थिति की समीक्षा की। शाह ने घटनास्थल का दौरा किया, घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और मंगलवार सुबह 11 बजे उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे “विचलित करने वाला” बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी संवेदना जताई। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को दिल्ली में भीड़ से दूर रहने की सलाह दी।

सतर्कता और जांच का दौर:
यह विस्फोट सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर ऐतिहासिक स्थलों के आसपास। एनआईए को केस सौंपने की संभावना है, और फॉरेंसिक रिपोर्ट से पूरी सच्चाई सामने आएगी। सीआईएसएफ ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि देखने पर तुरंत सूचना दें। चांदनी चौक जैसे बाजारों में दुकानें बंद हैं, और व्यापार प्रभावित हुआ है। यह अलर्ट देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देता है, ताकि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं। फिलहाल, सभी आंखें जांच पर टिकी हैं, और सरकार ने वादा किया है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।

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