Vineet Minocha murder caseVineet Minocha murder case
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Vineet Minocha murder case :कानपुर में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिस बहू पर शक की सुई घूम रही थी, उसे पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। वहीं, इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि कारोबारी का इकलौता बेटा सुब्रत मिनोचा ही निकला है। पुलिस ने गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सुब्रत को गिरफ्तार कर लिया है।

कर्ज, महंगे शौक और संपत्ति का विवाद बना वजह

Vineet Minocha murder case:पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार, आरोपी सुब्रत शराब, जुआ और सट्टेबाजी की बुरी आदतों का शिकार था। अपने महंगे शौक पूरे करने के चक्कर में वह भारी कर्ज के दलदल में फंस चुका था। उसने विभिन्न बैंकों से करीब 40 लाख रुपये का लोन ले रखा था। पिता विनीत मिनोचा उसे हर महीने 40 हजार रुपये खर्च के लिए देते थे, और पत्नी शालू ने भी पिता से 14 लाख रुपये दिलाकर उसका कर्ज चुकाने में मदद की थी, इसके बावजूद उसकी आर्थिक बदहाली कम नहीं हुई।

इसके अलावा, सुब्रत को यह डर भी सता रहा था कि उसके पिता की जीवनशैली और कथित संबंधों के कारण संपत्ति किसी अन्य के हाथ न चली जाए। उसे आशंका थी कि पिता की दूसरी शादी होने पर करोड़ों की पारिवारिक संपत्ति पर नया वारिस अधिकार जमा सकता है।

नौकर के खुलासे से गिरफ्त में आया बेटा

Vineet Minocha murder case:इस हत्याकांड का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने कारोबारी के नौकर विशाल और उसके साथी राज किशोर को हिरासत में लिया। पूछताछ में नौकर विशाल ने कबूला कि उसने सुब्रत के कहने पर ही विनीत मिनोचा की हत्या की थी। सुब्रत ने उसे 6 लाख रुपये देने का वादा किया था और साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि पकड़े जाने पर सारा इल्जाम पत्नी शालू पर मढ़ दिया जाए।

बुधवार को शालू, विशाल और राज किशोर को रिमांड पर लेकर जब सुब्रत के सामने आमने-सामने की पूछताछ की गई, तो शालू भावुक हो गई और उसने पति पर खुद को फसाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।

क्यों दी गई बहू को क्लीन चिट?

Vineet Minocha murder case:शुरुआती दौर में इस मामले में पत्नी शालू की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की विस्तृत जांच में उसके खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने के कोई ठोस प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले। पुलिस अब अदालत में अर्जी देकर शालू को इस मामले से रिहा करने और आधिकारिक रूप से क्लीन चिट देने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे षड्यंत्र में वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित मददगारों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

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