रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Uttar Pradesh : भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों (लखनऊ, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़, बांदा, बरेली और चंदौली सहित 26 से अधिक जिलों) में बिजली संकट से परेशान जनता को राहत देने के लिए सीएम योगी ने रविवार को ऊर्जा विभाग के आला अधिकारियों और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बिजली आपूर्ति में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Uttar Pradesh पूरी क्षमता से चलेंगी उत्पादन इकाइयां, लापरवाही पर गिरेगी गाज
बढ़ती तपिश के कारण राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन की सभी इकाइयों को अपनी पूरी क्षमता (फुल कैपेसिटी) के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में गाजियाबाद और मेरठ के कई इंजीनियरों को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड भी किया जा चुका है।
Uttar Pradesh सीएम योगी के वो 6 सख्त निर्देश, जिन्हें मानना अनिवार्य है:
- शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति: सभी शहरों और कस्बों में चौबीसों घंटे (24 घंटे) निर्बाध बिजली दी जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में राहत: गांवों और कृषि फीडरों पर कम से कम 18 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
- उत्पादन में वृद्धि: राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को अधिकतम स्तर पर ले जाया जाए।
- मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को दुरुस्त किया जाए ताकि ट्रिपिंग की समस्या न हो।
- फीडर आधारित निगरानी: हर एक फीडर की बिजली सप्लाई की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाए।
- त्वरित निवारण: उपभोक्ताओं की तरफ से आने वाली शिकायतों का बिना देरी किए फौरन समाधान हो।
Uttar Pradesh मैदान में उतरे ऊर्जा मंत्री; 24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों के बाद पूरी सरकारी मशीनरी अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्वयं लखनऊ स्थित केंद्रीयकृत उपभोक्ता सेवा केंद्र ‘1912 कंट्रोल रूम’ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं की सहायता के लिए प्रदेश के सभी जिलों के कंट्रोल रूम अब 24 घंटे पूरी सक्रियता के साथ काम करेंगे।

