रिपोर्टर: टुनटुन कुमार
Motihari : बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जहां जमीन विवाद के कारण हुई मारपीट में घायल हुई महिला के टूटे हाथ पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) लगाने के बजाय गत्ते का कार्टून (दफ्ती) बांध दिया गया। इस घटना ने राज्य की प्राथमिक और जिला स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संग्रामपुर में जमीनी विवाद और हिंसक झड़प
Motihari यह मामला मोतिहारी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित पासवान टोला का है। यहां जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर रमेश पासवान और उनकी पत्नी कुंती देवी पर उनके पाटीदारों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल हुए रमेश पासवान की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी कुंती देवी के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया।
संग्रामपुर से सदर अस्पताल तक जारी रही लापरवाही
Motihari घटना के तुरंत बाद स्वजन कुंती देवी को इलाज के लिए संग्रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां तैनात डॉक्टरों ने टूटी हुई हड्डी का विधिवत इलाज करने के बजाय प्राथमिक उपचार के नाम पर गत्ते का टुकड़ा (कार्टून) लपेटकर पट्टी बांध दी और उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों को उम्मीद थी कि सदर अस्पताल में सही इलाज मिलेगा, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने भी उस कार्टून को हटाए बिना उसी के ऊपर दूसरी बैंडेज लपेटकर मरीज को भर्ती कर लिया।
पीड़िता का दर्द और स्वास्थ्य महकमे पर उठते सवाल
Motihari अपने पति को खो चुकी पीड़िता कुंती देवी ने दर्द से कराहते हुए अस्पताल प्रशासन की इस अमानवीय कार्यशैली पर अपनी व्यथा व्यक्त की। पीड़िता का कहना है कि एक तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में उनकी जान और इलाज के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है तथा मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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