रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : बिहार के सुपौल जिले में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में लगातार फ्लक्चुएशन देखा जा रहा है। नदी के बदलते मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। गुरुवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने पश्चिमी तटबंध का विस्तृत निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों को परखा।
तटबंध सुरक्षा का निरीक्षण और कटावरोधी सामग्रियों का जायजा
Supaul निरीक्षण के दौरान डीडीसी इंद्रवीर कुमार के साथ जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीएम, बीडीओ और सहायक अभियंता मौजूद रहे। अधिकारियों ने तटबंध की वर्तमान स्थिति, कटावरोधी सामग्रियों (Anti-Erosion Materials) के स्टॉक और राहत-बचाव के लिए उपलब्ध मशीनरी का जायजा लिया। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में जियो बैग, सैंड बैग, जेसीबी और ट्रैक्टरों का इंतजाम कर लिया गया है।
चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहेंगे इंजीनियर और मजदूर
Supaul तटबंध की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए अधिकारियों ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- विशेष तैनाती: तटबंध के संवेदनशील बिंदुओं (Sensitive Points) पर अभियंताओं की राउंड-द-क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है।
- त्वरित कार्रवाई: किसी भी स्थान पर कटाव की आशंका होते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए पर्याप्त मजदूरों को मुस्तैद रखा गया है।
- जलस्तर का रिकॉर्ड: कोसी बैराज से गुरुवार शाम 6 बजे 1,85,130 क्यूसेक का कुल डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जबकि बराह क्षेत्र में जलप्रवाह 1,06,250 क्यूसेक रहा।
विभाग के अनुसार, विगत वर्षों में कराए गए सुदृढ़ीकरण कार्यों के कारण वर्तमान में तटबंध पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत स्थिति में है।
निचले इलाकों और तटबंध के अंदर रहने वालों से सतर्कता की अपील
Supaul निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने स्थानीय ग्रामीणों और तटबंध के भीतर बसे लोगों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जलस्तर में अचानक आने वाले बदलावों पर नजर रखें। किसी भी असामान्य परिस्थिति या नदी का रुख आक्रामक होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं।
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