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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : बिहार के सुपौल जिला मुख्यालय स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कोसी क्षेत्र के डीआईजी कुमार आशीष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ सुपौल के पुलिस अधीक्षक सरथ आर.एस. और साइबर थाना के एसडीपीओ गौरव गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में पहुंचने पर एनसीसी और स्कूल कैडेट्स द्वारा डीआईजी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरे परिसर में अनुशासन और उत्साह का माहौल बन गया।

युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत: डीआईजी कुमार आशीष

Supaul डीआईजी कुमार आशीष ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा समाज और देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन, परिवार और भविष्य को बर्बाद करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई है। अक्सर बच्चे दिखावे, जिज्ञासा या दोस्तों के दबाव में आकर नशे का रुख करते हैं, जो बाद में घातक लत बन जाती है। छात्रों से आग्रह किया गया कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करें और पुलिस के इस अभियान में नशामुक्ति के ब्रांड एंबेसडर बनें।

पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ ने दिए अनुशासन व सुरक्षा के टिप्स

Supaul पुलिस अधीक्षक सरथ आर.एस. और साइबर थाना एसडीपीओ गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को पूरी तरह नष्ट कर देता है। उन्होंने बच्चों को अच्छी संगति चुनने, मोबाइल के सीमित उपयोग और सोशल मीडिया के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। एसपी ने भरोसा दिलाया कि यदि कोई छात्र नशा तस्करी या अवैध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस को देता है, तो उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। वहीं साइबर थाना के एसडीपीओ गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की बारीकियों से अवगत कराया।

विद्यालय प्रबंधन की स्पष्ट नीति और छात्रों का सामूहिक संकल्प

Supaul विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देता है। उन्होंने गर्व से बताया कि विद्यालय के सख्त अनुशासन और नियमित मार्गदर्शन के कारण आज यहां का एक भी छात्र नशे का शिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान में नशा करने वाले विद्यार्थियों के लिए कोई स्थान नहीं है और ऐसी प्रवृत्ति दिखने पर सख्त परामर्श दिया जाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ हाथ उठाकर जीवन में कभी भी नशा न करने और समाज को इस बुराई से मुक्त कराने का सामूहिक संकल्प लिया।

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