By: Ravindra Singh
Platelet : डेंगू के दौरान शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में मरीज की सेहत पर नजर रखना, पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने और रिकवरी में मदद कर सकता है। कुछ फल, सब्जियां और पौष्टिक खाद्य पदार्थ इस दौरान डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं कि डेंगू में क्या खाना-पीना फायदेमंद हो सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्लेटलेट्स की सेहत के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें
1. अनार
Platelet अनार में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह संतुलित आहार का अच्छा हिस्सा हो सकता है। डेंगू के दौरान यदि मरीज आसानी से फल खा पा रहा है, तो उसकी डाइट में अनार शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अनार खाने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने की गारंटी नहीं है।

2. कीवी
Platelet कीवी विटामिन C और फाइबर का अच्छा स्रोत है। विटामिन C शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने में मदद करता है। डेंगू के मरीज अपनी सहनशीलता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार कीवी खा सकते हैं। इसे प्लेटलेट्स बढ़ाने का निश्चित उपचार नहीं समझना चाहिए।

3. लौकी
Platelet लौकी में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसे हल्के भोजन के रूप में खाया जा सकता है। डेंगू के दौरान लौकी की पकी हुई सब्जी या सूप लेना उपयोगी हो सकता है। यदि जूस पीना चाहते हैं, तो साफ-सफाई और ताजगी का विशेष ध्यान रखें। कच्ची लौकी का कड़वा जूस बिल्कुल न पिएं, क्योंकि इससे गंभीर विषाक्तता हो सकती है।

4. अंजीर
Platelet अंजीर में फाइबर और कई जरूरी खनिज पाए जाते हैं। इसे सीमित मात्रा में खाने से आहार में विविधता आती है और शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। डेंगू के दौरान मरीज की भूख और पाचन क्षमता के अनुसार इसे भोजन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अंजीर से प्लेटलेट्स बढ़ने का ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

5. कद्दू के बीज
Platelet कद्दू के बीज में प्रोटीन, जिंक और अन्य पोषक तत्व होते हैं। ये संतुलित आहार का हिस्सा बनकर शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यदि मरीज को उल्टी या पाचन संबंधी परेशानी नहीं है, तो थोड़ी मात्रा में इनका सेवन किया जा सकता है।

डेंगू में क्या पीना चाहिए?
Platelet डेंगू के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है। इसलिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। मरीज की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इन विकल्पों को अपनाया जा सकता है:
- पानी: थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नियमित रूप से पिएं।
- नारियल पानी: तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स प्राप्त करने का एक विकल्प है।
- ओआरएस: उल्टी, दस्त या डिहाइड्रेशन की स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
- सूप: हल्का और पौष्टिक सूप शरीर को तरल पदार्थ तथा पोषण प्रदान कर सकता है।
- फलों का सेवन: अनार, संतरा और अन्य ताजे फल सहनशीलता के अनुसार खाए जा सकते हैं।
यदि मरीज लगातार उल्टी कर रहा है या तरल पदार्थ नहीं पी पा रहा है, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
डेंगू में कौन से फल खाना फायदेमंद हो सकता है?
Platelet डेंगू के दौरान संतुलित और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर होता है। कीवी, अनार, संतरा, अमरूद और सेब जैसे फल विटामिन, फाइबर तथा अन्य पोषक तत्व प्रदान करते हैं। पपीता भी खाया जा सकता है, यदि मरीज उसे आसानी से पचा पा रहा हो।
ध्यान रखें कि किसी खास फल या जूस से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने का दावा वैज्ञानिक रूप से स्थापित नहीं है। पपीते के पत्तों के रस और गिलोय जैसे आयुर्वेदिक उत्पादों को डॉक्टर की सलाह के बिना इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इनकी प्रभावशीलता और सुरक्षा को लेकर सीमाएं हैं तथा कुछ उत्पाद नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर क्या करें?
Platelet डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या पर नजर रखना जरूरी हो सकता है, लेकिन मरीज की गंभीरता का आकलन केवल प्लेटलेट्स की गिनती से नहीं किया जाता। डॉक्टर की निगरानी, लक्षण, रक्तचाप, शरीर में पानी की स्थिति और अन्य जांचों को भी ध्यान में रखा जाता है।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच और फॉलो-अप कराएं।
- पर्याप्त आराम करें और तरल पदार्थ लेते रहें।
- बुखार के लिए दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें। एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।
- तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून, खून की उल्टी, काला मल, अत्यधिक सुस्ती या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
निष्कर्ष: डेंगू में पौष्टिक भोजन और पर्याप्त तरल पदार्थ रिकवरी में मदद कर सकते हैं, लेकिन प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ या घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना उचित नहीं है। समय पर चिकित्सकीय देखभाल ही सबसे महत्वपूर्ण है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। डेंगू होने पर डॉक्टर से संपर्क करें और उनके निर्देशों का पालन करें।

