Report by: Ravindra Singh
Petrol Diesel Price Hike : भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी ईंधन रिटेलर, नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। रूस की रोसनेफ्ट समर्थित इस कंपनी ने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और स्थानीय करों के कारण यह बढ़ोतरी भिन्न हो सकती है; कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में ₹5.30 तक का उछाल देखा गया है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल में उछाल का असर
Petrol Diesel Price Hike इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा युद्ध है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास तनाव और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 से $120 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं।
नायरा एनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हुई लगभग 50% की वृद्धि का केवल एक छोटा हिस्सा ही ग्राहकों पर डाल रही है। कंपनी ने यह कदम तब उठाया है जब निजी खुदरा विक्रेताओं पर लागत का भारी दबाव बढ़ गया था।
निजी बनाम सरकारी तेल कंपनियों का रुख
Petrol Diesel Price Hike दिलचस्प बात यह है कि जहाँ नायरा एनर्जी ने कीमतें बढ़ा दी हैं, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL और HPCL) ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। सरकारी कंपनियों ने हाल ही में केवल प्रीमियम पेट्रोल और औद्योगिक डीजल के दामों में मामूली वृद्धि की थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि निजी कंपनियों को सरकारी सहायता या सब्सिडी नहीं मिलती, जिससे उन्हें घाटे से बचने के लिए स्वतंत्र रूप से कीमतें बढ़ानी पड़ती हैं। दूसरी ओर, रिलायंस-बीपी (Jio-bp) ने अब तक अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, हालांकि वे भी घाटे में चल रहे हैं।
उपभोक्ताओं और बाजार पर संभावित प्रभाव
Petrol Diesel Price Hike ईंधन की कीमतों में इस अचानक वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं और खाद्य सामग्री की कीमतों पर पड़ सकता है। हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत अब ₹107.46 के उच्च स्तर पर पहुँच गई है।
ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच देश के कई हिस्सों, विशेषकर असम और हैदराबाद में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि, भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के पास 60 दिनों का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। विपक्षी दलों ने भी इस मूल्य वृद्धि और ऊर्जा संकट के प्रबंधन को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

