रिपोर्टर: अरविन्द सिंह
Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक नाबालिग छात्रा के साथ महीने भर तक सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो महिलाओं सहित 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Gwalior अपहरण और 31 दिनों का खौफनाक मंजर
यह दर्दनाक सिलसिला 31 जनवरी से शुरू हुआ था। पीड़िता जब अपनी कोचिंग के लिए घर से निकली थी, तभी आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उसका अपहरण कर लिया। छात्रा को अगले 31 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ चार दरिंदों ने उसके साथ लगातार सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने 1 मार्च को उसे बेंगलुरु से बरामद किया था, लेकिन आरोपियों की दहशत के कारण वह उस समय सच नहीं बोल पाई थी।
Gwalior धमकियों का साया और दो महीने बाद फूट पड़ा दर्द
बरामदगी के बाद पीड़िता ने शुरुआत में खौफ के चलते पुलिस को गुमराह किया था कि वह अपनी मर्जी से गई थी। दरिंदों ने उसे और उसकी माँ को जान से मारने की धमकी दी थी। करीब दो महीने बाद जब छात्रा ने साहस जुटाकर अपनी माँ को अपनी आपबीती सुनाई, तब इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ। माँ के अटूट सहयोग से पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
Gwalior गिरफ्त में मकान मालकिन और उसका बेटा, मुख्य आरोपी फरार
ग्वालियर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मकान मालकिन गुड्डी राठौर, उसके बेटे मनोज, भांजे योगेश, भांजे के दोस्त राजू राठौर और एक अन्य रिश्तेदार बुलबुल को गिरफ्तार कर लिया है। इन महिलाओं पर साजिश रचने और अपराधियों की मदद करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपियों में से एक ‘वकील राठौर’ अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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