By: Ravindra Singh
New Delhi : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की है कि भारतीय डाक अपनी सदियों पुरानी विरासत और जन-विश्वास को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक के साथ 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप ढल रहा है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डिजिटल पहलों और कायाकल्प किए गए भौतिक डाकघरों का औपचारिक शुभारंभ किया।


इस अवसर पर केंद्रीय संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक सचिव सुब्रत दास, डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता सहित 8 राज्यों के जनप्रतिनिधि और डाककर्मी उपस्थित थे।
नागरिकों को उनके मोबाइल पर ही मिलेंगी सभी सेवाएं
New Delhi कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि वर्तमान समय में नागरिक केवल सरकारी सेवाओं की उपलब्धता नहीं चाहते, बल्कि वे चाहते हैं कि सेवाएं उनके मोबाइल पर, एक क्लिक में, पारदर्शी और त्वरित रूप से मिले।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का ध्येय केवल पुरानी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना भर नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था को नागरिक-केंद्रित (Citizen-Centric) बनाना है।
‘डाक मित्र’ ऐप: ग्रामीण डाक सेवकों का डिजिटल सशक्तिकरण
New Delhi डाक कर्मियों और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाने वाले डाकियों को तकनीक से लैस करने के लिए ‘डाक मित्र’ ऐप की शुरुआत की गई है।
- नेटवर्क: मई 2025 में अपग्रेड होने के बाद यह ऐप अब 1.4 लाख शाखा डाकघरों में सक्रिय रूप से इस्तेमाल हो रहा है।
- सफलता: इसके जरिए 2.45 करोड़ स्पीड पोस्ट/पार्सल बुक किए जा चुके हैं और 15.09 करोड़ से अधिक वस्तुओं की सफलतापूर्वक डिलीवरी की गई है।
- वित्तीय प्रभाव: ऐप के माध्यम से ₹1,102 करोड़ के नए प्रीमियम और कुल ₹5,431 करोड़ का बीमा प्रीमियम एकत्र किया गया है।
- सुविधाएं: इसके जरिए आधार आधारित खाता खोलना (AePS), कैश विड्रॉल और डिजिटल e-KYC की सुविधाएं घर-घर तक पहुंच रही हैं।
‘डाक सेवा’ ऐप: जेब में समाया पूरा डाकघर
New Delhi आम नागरिकों की सुविधा के लिए तैयार किया गया ‘डाक सेवा’ ऐप एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
| प्रमुख विशेषताएं | विवरण |
| उपयोगकर्ता आधार | जून 2025 में पायलट लॉन्च के बाद से अब तक करीब 10 लाख डाउनलोड। |
| बुकिंग आंकड़ा | ऐप के जरिए 91.34 लाख मेल और पार्सल बुक किए गए। |
| बहुभाषी समर्थन | यह ऐप 23 प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। |
| डिजिटल भुगतान | UPI, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड्स और SBI e-Pay के जरिए त्वरित भुगतान सुविधा। |
| प्रमुख सेवाएं | ट्रैकिंग, स्पीड पोस्ट बुकिंग, e-MO, शिकायत पंजीकरण, निकटतम पिन कोड खोज, डाक शुल्क कैलकुलेटर और लघु बचत/बीमा योजना (PLI/RPLI) की जानकारी। |
भौतिक डाकघरों का आधुनिकीकरण
New Delhi डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ पारंपरिक डाकघरों के ढांचे को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
- देश के 17 राज्यों में 40 डाकघरों के आधुनिकीकरण की योजना बनाई गई है, जिनमें से 27 का कायाकल्प पूरा हो चुका है।
- हाल ही में 14 नव-निर्मित डाकघरों का शुभारंभ किया गया। इनमें पाटलिपुत्र, वसंत कुंज, गुरुग्राम, काकुरगाची, विदिशा, सांची, शिलॉन्ग, कांदिवली वेस्ट, नागपुर, लखनऊ (गोमती नगर, इंदिरा नगर, निराला नगर) और प्रयागराज शामिल हैं।
भारतीय डाक के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि
New Delhi प्रशासकीय सुधारों और तकनीकी समावेशन के कारण भारतीय डाक की वित्तीय स्थिति में भारी सुधार देखा गया है:
- वार्षिक राजस्व: वित्त वर्ष 2024-25 का ₹13,218 करोड़ का राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 16% बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया।
- त्रैमासिक रिकॉर्ड: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में विभाग ने ₹4,008.95 करोड़ का अब तक का सर्वोच्च तिमाही राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% अधिक है।
विकसित भारत 2047 की ओर मजबूत कदम
New Delhi केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए भारतीय डाक खुद को भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा, “पुराना भरोसा, नई तकनीक; वही अपनापन, नई गति — यही नया भारतीय डाक है।”
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