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रिपोर्टर: आलोक भारद्वाज

CWSN : मध्य प्रदेश के चंबल अंचल से समाजसेवी संस्थाओं के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। दिव्यांग बच्चों (CWSN) के लिए हॉस्टल संचालित करने वाली समाजसेवी संस्था ‘सिद्धेश्वर महाराज विकलांग समिति’ के अध्यक्ष का एक विवादित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो क्लिप ने संस्था के कार्यप्रणाली और सरकारी अनुदान में हो रही कथित कमीशनखोरी की पोल खोलकर रख दी है।

यह संस्था ग्वालियर, श्योपुर और भिंड जिलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के हॉस्टलों का संचालन करती है। वायरल ऑडियो में सामने आई बातचीत से साफ होता है कि दिव्यांगों की सेवा के नाम पर मिलने वाली सरकारी राशि में किस तरह से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है और आला अधिकारियों तक भ्रष्टाचार की जड़ें फैली हुई हैं।

भर्ती के नाम पर वेतन कटौती और रिश्वत का खेल

CWSN मध्य प्रदेश सरकार के नियमानुसार CWSN हॉस्टल में पदस्थ वार्डन को 13,400 रुपये तथा विशेष अतिथि शिक्षक को 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन और भत्ता देने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल ऑडियो में संस्था के अध्यक्ष खुद यह स्वीकार करते सुने जा रहे हैं कि पदों पर नियुक्ति केवल एक ही शर्त पर दी जाएगी।

शर्त के मुताबिक, वार्डन को हर महीने अपने बैंक खाते से 3,400 रुपये नकद निकालकर वापस अध्यक्ष को सौंपने होंगे। इस तरह की अवैध कटौती के जरिए कर्मचारियों के हक का पैसा सीधे संस्था के खाते या जेब में ट्रांसफर कराने की योजना बनाई गई थी।

जिला शिक्षा केंद्र और भोपाल स्तर तक कमीशनखोरी का दावा

CWSN ऑडियो क्लिप की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें अध्यक्ष बेझिझक प्रशासनिक सांठगांठ की बात कबूल कर रहे हैं। ऑडियो में स्पष्ट रूप से भिंड जिले के जिला शिक्षा केंद्र प्रभारी (DPC) और भोपाल स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तक तय कमीशन पहुंचाने का जिक्र किया गया है।

अध्यक्ष की बातों से साफ जाहिर होता है कि सरकारी तंत्र में नीचे से लेकर ऊपर तक कमीशन का एक सेट पैटर्न बना हुआ है, जिसकी भरपाई कर्मचारियों के वेतन में कटौती करके की जाती है।

एपीसी अभय सिन्हा और उनकी पत्नी की संदिग्ध भूमिका

CWSN इस पूरे प्रकरण में भिंड जिला शिक्षा केंद्र के सहायक परियोजना समन्वयक (APC) अभय सिन्हा की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप हैं कि एपीसी अभय सिन्हा और संस्था अध्यक्ष ने आपस में मिलकर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया और नियम-कायदों को ताक पर रखकर CWSN हॉस्टल संचालन का चार्ज अपने अधिकार में ले लिया।

इसके अलावा, हॉस्टल व्यवस्था में एपीसी अभय सिन्हा की पत्नी को भी नियमविरुद्ध तरीके से पदस्थ किए जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे इस भ्रष्टाचार में उनकी संलिप्तता और भी संदिग्ध हो जाती है। फिलहाल इस ऑडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, और मामले में निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

बाइट

संस्था के अध्यक्ष से बातचीत करने पर उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना है कि उन्हें फंसाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर वे व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।

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