Negligence of MunicipalityNegligence of Municipality
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रिपोर्टर: सन्‍तोष सरावगी

Negligence of Municipality : एक ओर जहां देश आजादी के अमृत काल का जश्न मना रहा है और देशभक्ति के नारों से आसमान गुंजायमान है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ा रही है। ताजा मामला नगर पालिका परिषद क्षेत्र का है, जहां देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में बनाया गया स्मृति चिन्ह (स्मारक) आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस स्थान पर वीर शहीदों के नाम अंकित हैं, वहां आज कूड़े और गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो चुका है।

Negligence of Municipality गंदगी के ढेर में खो गए शहीदों के नाम

नगर पालिका परिषद ‘दरबार’ क्षेत्र में स्थित यह स्मारक केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि उन शूरवीरों की गाथाओं का जीवंत प्रमाण था जिन्होंने देश को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराया। इस स्मारक पर स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के महान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किए गए थे ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग को याद रख सकें। लेकिन आज प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थल कचरा फेंकने का केंद्र बन गया है। स्मारक के चारों ओर फैली गंदगी न केवल पर्यावरण को दूषित कर रही है, बल्कि यह उन महापुरुषों का घोर अपमान भी है जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया।

Negligence of Municipality राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के बावजूद अनदेखी

विडंबना यह है कि यह स्मारक एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के मार्ग में आता है। प्रतिदिन हजारों लोग और वीआईपी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन किसी की नजर इस बदहाली पर नहीं पड़ती। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण यह स्मारक शहर की छवि का दर्पण होना चाहिए था, लेकिन वर्तमान में यह नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर एक बदनुमा दाग बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल विशेष अवसरों पर ही इस ओर ध्यान देता है, बाकी पूरे साल इसे इसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।

Negligence of Municipality प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय जनता में आक्रोश

नगर पालिका परिषद के कामकाज पर सवाल उठाते हुए स्थानीय निवासियों ने बताया कि स्मारक की सफाई के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसा लगता है कि नगर पालिका के पास विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच अपने ही इतिहास को सहेजने का समय नहीं है। यदि समय रहते इस स्मारक का जीर्णोद्धार और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। जनता का कहना है कि यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है, और इसकी सुरक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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