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रिपोर्टर: प्रताप सिंह बघेल

Morena : जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में एक असहाय महिला अपनी पीड़ा लेकर प्रशासन के पास पहुँची, लेकिन अपनी बात रखने से पहले ही वह एक हादसे का शिकार हो गई। कलेक्ट्रेट परिसर में ही महिला को एक आवारा कुत्ते ने काटकर जख्मी कर दिया। घटना के तुरंत बाद कलेक्टर के निर्देशों पर महिला को इलाज और एंटी-रेबीज इंजेक्शन के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। पीड़िता की पहचान सिंघल बस्ती निवासी रावी बाल्मीकि के रूप में हुई है, जो अपने पति की नशे की लत और पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने के कारण गहरे आर्थिक संकट से जूझ रही है।

10 महीने से बकाया है किराया, बेघर होने का सता रहा डर

Morena पीड़ित महिला रावी बाल्मीकि ने बताया कि पति द्वारा कोई सहारा न मिलने के कारण वह अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के भरण-पोषण के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है। स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि वह बीते 10 महीनों से अपने किराए के कमरे का भुगतान भी नहीं कर पाई है। मकान मालिक लगातार बकाए पैसों के लिए दबाव बना रहा है और घर खाली करने की धमकियां दे रहा है। ऐसे में उसके सामने दोनों मासूमों के साथ सड़क पर आने का खतरा पैदा हो गया है।

प्रशासन से छत की आस लेकर पहुँची थी पीड़ित

Morena रावी बाल्मीकि जनसुनवाई में केवल इस उम्मीद से आई थी कि प्रशासन से उसे रहने के लिए किसी आवास योजना के तहत छोटा सा आशियाना या आर्थिक सहायता मिल सके। हालांकि, गुहार लगाने से पहले ही कुत्ते के हमले ने उसकी परेशानी और बढ़ा दी। इलाज मिलने के बाद महिला ने रोते हुए अपनी मार्मिक स्थिति बयां की और बच्चों के सिर पर एक सुरक्षित छत की मांग दोहराई।

अब जिला प्रशासन से त्वरित राहत की उम्मीद

Morena कलेक्टर परिसर में घटी इस घटना के बाद महिला की दयनीय स्थिति पर सभी का ध्यान गया है। बेघर होने की कगार पर खड़ी इस गरीब महिला और उसके मासूम बच्चों को अब जिला प्रशासन की ओर से त्वरित शासकीय सहायता और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के तहत राहत मिलने की दरकार है। देखना होगा कि प्रशासन इस पीड़ित परिवार की सुध कब तक लेता है।

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