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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Sikar : राजस्थान के सीकर जिले में प्रशासन की एक बेहतरीन और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। रींगस उपखंड क्षेत्र में आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ के दौरान अधिकारियों ने दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे खेतों का रुख किया और जनता की वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर ही निपटारा कर दिया। इस सराहनीय कदम से न सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचा, बल्कि बरसों से उलझे विवाद भी सुलझ गए।

Sikar साल 2017 से बंद पड़ा था बावड़ी-लाखनी मार्ग

बावड़ी ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर के दौरान ग्रामीणों ने बावड़ी से लाखनी जाने वाले एक मुख्य रास्ते का मुद्दा अधिकारियों के सामने उठाया। यह रास्ता साल 2017 से अतिक्रमण और आपसी विवाद के चलते पूरी तरह बंद पड़ा था, जिससे स्थानीय लोगों और किसानों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) बृजेश कुमार ने तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए।

Sikar तहसीलदार ने खुद मौके पर खड़े रहकर चलवाई जेसीबी

विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए तहसीलदार महेश ओला ने सबसे पहले संबंधित काश्तकारों और पक्षों से बातचीत की। आपसी समझाइश और सहमति बनने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई। तहसीलदार ने खुद मौके पर मौजूद रहकर अपनी निगरानी में जेसीबी मशीन बुलवाई और रास्ते से अवैध अतिक्रमण को हटवाने का काम शुरू करवाया।

Sikar राजस्व टीम ने किया सीमांकन, ग्रामीणों ने जताया आभार

रास्ते को पूरी तरह विवादमुक्त और साफ करने के लिए प्रशासन ने 2 गिरदावर और 4 पटवारियों की एक विशेष राजस्व टीम नियुक्त की। इस टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश और सीमांकन (नाप-जोख) की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा किया। 8 साल बाद रास्ता खुलने से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें आवागमन और खेती-किसानी के काम में बहुत आसानी होगी।

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