Mahanadi Crocodile Attack RescueMahanadi Crocodile Attack Rescue
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Mahanadi Crocodile Attack Rescue:ओडिशा के बौद्ध जिले में महानदी के किनारे एक युवक पर मगरमच्छ के हमले के बाद उसके दो भाइयों ने असाधारण साहस दिखाया। मगरमच्छ युवक को अपने जबड़ों में पकड़कर गहरे पानी की ओर ले जा रहा था। उसकी चीख सुनकर दोनों भाई तुरंत नदी में उतर गए और करीब डेढ़ घंटे तक संघर्ष करने के बाद उसे मगरमच्छ के चंगुल से बाहर निकालने में कामयाब रहे।

हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका इलाज बौद्ध जिला मुख्यालय अस्पताल में चल रहा है।

नदी में पहुंचते ही मगरमच्छ ने किया हमला

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:घटना रविवार शाम हरभंगा ब्लॉक के मराड़ा महानदी घाट की बताई जा रही है। मराड़ा गांव निवासी सुधीर बेहरा नदी किनारे गए थे। इसी दौरान पानी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

मगरमच्छ ने सुधीर को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उन्हें पानी के भीतर खींचने लगा। अचानक हुए हमले से घबराए सुधीर ने खुद को बचाने की कोशिश की और मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे।

चीख सुनकर नदी में उतर गए दोनों भाई

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:सुधीर की आवाज सुनकर उनके भाई छबिंद्र बेहरा और रिश्तेदार भाई प्रमोद प्रधान मौके पर पहुंचे। दोनों ने देखा कि मगरमच्छ सुधीर को गहरे पानी की तरफ ले जाने की कोशिश कर रहा है।

स्थिति की गंभीरता के बावजूद दोनों ने पीछे हटने के बजाय नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने मगरमच्छ को हटाने और सुधीर को उसके कब्जे से मुक्त कराने की कोशिश शुरू कर दी।

करीब डेढ़ घंटे तक चला संघर्ष

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:नदी के भीतर काफी देर तक मगरमच्छ और दोनों युवकों के बीच संघर्ष चलता रहा। मगरमच्छ सुधीर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था और बार-बार पलटकर हमला करने की कोशिश कर रहा था।

छबिंद्र और प्रमोद लगातार उसे पीछे हटाने की कोशिश करते रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार मगरमच्छ ने सुधीर को छोड़ दिया और गहरे पानी की ओर चला गया।

गंभीर रूप से घायल सुधीर अस्पताल में भर्ती

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:मगरमच्छ के हमले में सुधीर के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले पुरुणाकटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।

हालत गंभीर होने पर रविवार रात करीब 8:30 बजे उन्हें बौद्ध जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

वन विभाग ने भी दी घटना की जानकारी

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:फॉरेस्टर संजय राउत के मुताबिक, सुधीर नदी किनारे गए थे, तभी मगरमच्छ ने उन पर हमला किया। उनकी आवाज सुनने के बाद गांव के दो लोग तुरंत नदी में पहुंचे और उन्हें बचाने में सफल रहे।

वन विभाग की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और इलाके में मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर भी निगरानी की जा रही है।

दोनों भाइयों के साहस की हो रही चर्चा

Mahanadi Crocodile Attack Rescue:इस घटना के बाद छबिंद्र बेहरा और प्रमोद प्रधान की बहादुरी की स्थानीय स्तर पर खूब चर्चा हो रही है। गहरे पानी और मगरमच्छ के खतरे के बावजूद दोनों ने अपने भाई को बचाने के लिए नदी में उतरने का फैसला किया।

करीब डेढ़ घंटे तक चले इस जोखिम भरे संघर्ष के बाद वे सुधीर को जिंदा बाहर निकालने में सफल रहे। हालांकि, मगरमच्छ के हमले में घायल सुधीर की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उनका उपचार जारी है।

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