रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Kota : ‘शिक्षा नगरी’ के नाम से मशहूर कोटा का सांगोद मार्ग इन दिनों नगर निगम की लापरवाही के चलते अपनी पहचान खो रहा है। थेकड़ा पुलिया के पास स्थित कचरा पॉइंट स्थानीय निवासियों, राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए किसी नरक से कम नहीं रह गया है। कचरे के ऊँचे होते ढेर और उससे उठती असहनीय सड़ांध ने यहाँ के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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हैरानी की बात यह है कि यह कचरा पॉइंट प्रसिद्ध शिवपुरी धाम के बेहद करीब है, जहाँ रोज़ाना हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। आस्था के केंद्र के पास फैली इस गंदगी ने भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। इसके अलावा, पास ही स्थित स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे भी इस जहरीली बदबू के बीच शिक्षा लेने को मजबूर हैं। संक्रमण और बीमारियों का डर अभिभावकों को सता रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है।
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क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो जाना चाहिए था। उम्मेदगंज के पास आधुनिक कचरा प्रबंधन केंद्र (Garbage Management Center) बनकर तैयार है, लेकिन वह अब तक शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह प्लांट राजनीतिक खींचतान और श्रेय लेने की होड़ के कारण अधर में लटका हुआ है। जब तक यह नया केंद्र शुरू नहीं होता, तब तक थेकड़ा पुलिया जैसी जगहों पर कचरा डंप होना बंद नहीं होगा।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। भीषण गर्मी में कचरे से निकलने वाली गैसें और बदबू अब घरों के अंदर तक पहुँचने लगी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस कचरा पॉइंट को यहाँ से नहीं हटाया गया और सफाई की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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