Report by: Yogendra Singh
Kota : शिक्षा की नगरी कोटा में भगवान परशुराम प्राकट्य दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष्य में शहर के तलवंडी सर्कल से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। ढोल-ताशों की थाप और भगवान परशुराम के जयकारों ने पूरे शहर के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
Kota केसरिया रंग में रंगा कोटा, महिलाओं ने दिखाया भारी उत्साह
शोभायात्रा का दृश्य बेहद विहंगम था, जहाँ पुरुष और युवा वर्ग के साथ-साथ मातृशक्ति की भी बड़ी भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और भगवा साफा पहनकर यात्रा में शामिल हुईं। हाथों में धर्म ध्वजा लिए श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। तलवंडी से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जुलूस का भव्य स्वागत किया गया।
Kota विधायक संदीप शर्मा ने की पूजा-अर्चना, सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद
धार्मिक आयोजन में स्थानीय विधायक संदीप शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने भगवान परशुराम की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान विधायक ने प्रदेश की जनता की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने विभिन्न स्वागत द्वारों पर खड़े होकर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और इस आयोजन को आपसी भाईचारे का प्रतीक बताया।
Kota सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और सामाजिक एकता का संदेश
आयोजन के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे ताकि यातायात और कानून-व्यवस्था बनी रहे। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा शोभायात्रा के मार्ग में ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था की गई थी। इस भव्य आयोजन ने न केवल भगवान परशुराम के आदर्शों को याद किया, बल्कि कोटा शहर में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का सशक्त संदेश भी प्रसारित किया।
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