Report by: Yogendra Singh
Jaipur : करौली जिले में तैनात एसडीएम (SDM) काजल मीणा को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। काजल मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उन्हें उनकी गिरफ्तारी की तिथि 16 अप्रैल से ही निलंबित माना गया है।
Jaipur भूमि विवाद के निपटारे के नाम पर मांगी थी घूस
ACB की जांच में सामने आया है कि एसडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ ने नादौती कस्बे में एक जमीन से जुड़े विवाद की अंतिम डिक्री (Final Decree) जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में 1 लाख रुपये की डिमांड रखी थी, जो सौदेबाजी के बाद 50 हजार रुपये (SDM के लिए) और 10 हजार रुपये (रीडर के लिए) तय हुई। शिकायत का सत्यापन होने के बाद सवाई माधोपुर ACB की टीम ने जाल बिछाकर तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया।
Jaipur तलाशी में मिला नकदी से भरा बैग, जांच के दायरे में अन्य अधिकारी
कार्रवाई के दौरान केवल रिश्वत की राशि ही नहीं, बल्कि आरोपियों के पास से एक बैग में 4 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई है। इस राशि के स्रोत के बारे में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने इसे संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। ACB महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
Jaipur टॉपर से सस्पेंशन तक का सफर
काजल मीणा राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 2024 बैच की अधिकारी हैं। वह अपनी उपलब्धि के कारण चर्चा में रही थीं क्योंकि उन्होंने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की वरीयता सूची में टॉप किया था। टोंक में सहायक कलेक्टर के रूप में प्रशिक्षण लेने के बाद उनकी पहली महत्वपूर्ण तैनाती करौली में हुई थी। महज कुछ ही समय में भ्रष्टाचार के मामले में नाम आने और निलंबन की कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्मिक विभाग, जयपुर नियत किया गया है।
Also Read This: Maihar में शर्मसार करने वाली वारदात: स्कूली छात्रा का अपहरण कर रातभर गैंगरेप, पुलिस ने दो दरिंदों को दबोचा

