रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Korea : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में वन संपदा की चोरी करने वाले तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विभाग ने मुखबिर की सूचना और सटीक रणनीति के जरिए अवैध साल की लकड़ी (चिरान) से लदी एक मारुति वैन को पकड़ने में सफलता पाई है। डीएफओ के सख्त निर्देशों के बाद हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है।
Korea संयुक्त टीम की रातभर गश्त और सुबह 4 बजे मिली बड़ी कामयाबी
कोरिया और मनेन्द्रगढ़ वन मंडल की संयुक्त टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। मिली जानकारी के अनुसार, देवगढ़ परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 374 (उत्तर तर्रा क्षेत्र) में वन माफियाओं की सक्रियता की खबर मिली थी। इसके बाद, अधिकारियों ने एक विशेष टीम का गठन किया।
यह अभियान केवल कुछ घंटों का नहीं था; वन विभाग के कर्मचारी शाम से ही जंगलों और रास्तों पर डेरा डाले हुए थे। पूरी रात चली सघन गश्त के बाद, सुबह लगभग 4 बजे राधा नगर तिराहा के पास एक सफेद रंग की संदिग्ध मारुति वैन आती दिखाई दी। जब टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो वाहन की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में साल के पेड़ों की चिरान (कटी हुई लकड़ी) बरामद हुई।
Korea रायपुर पासिंग वाहन का इस्तेमाल: पुराने कनेक्शन की आशंका
पकड़े गए वाहन की जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही वैन का रजिस्ट्रेशन रायपुर का है। प्राथमिक जांच के बाद अधिकारियों को अंदेशा है कि इस वाहन का उपयोग लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय या अंतर-राज्यीय तस्करी के लिए किया जा रहा था।
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि तस्करों ने वन विभाग की नजरों से बचने के लिए छोटी वैन का सहारा लिया, ताकि इसे घने रास्तों से आसानी से निकाला जा सके। बरामद की गई साल की लकड़ी काफी कीमती बताई जा रही है, जिसे अवैध रूप से काटकर फर्नीचर या अन्य व्यापारिक उपयोग के लिए ले जाया जा रहा था।
Korea कठोर कानूनी कार्रवाई और भविष्य की रणनीति
वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से वाहन और उसमें लदी लकड़ी को जब्त कर लिया है। वर्तमान में विभाग आरोपियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटा है। डीएफओ कार्यालय के अनुसार, इस मामले में वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
- तस्करी में शामिल मुख्य सरगनाओं की पहचान की जा रही है।
- संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV और ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
- जंगलों के भीतर गश्ती दलों की संख्या में इजाफा किया गया है।
यह कार्रवाई न केवल वन संपदा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश भी है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर अवैध मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे हैं।
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