रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Chhattisgarh : गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। रविवार देर रात यहाँ एक जंगली हाथी ने अचानक हमला कर सड़क निर्माण कार्य में लगे दो श्रमिकों को मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में दहशत और खौफ का माहौल बना हुआ है।
Chhattisgarh खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे मजदूर, अचानक हुआ हमला
यह खौफनाक वाकया रविवार रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच देवसील गांव की आगे बस्ती में हुआ। जानकारी के मुताबिक, इलाके में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। दिनभर की मरुशक्कत के बाद श्रमिक आग जलाकर रात का खाना खाने के बाद वहीं पास में आराम कर रहे थे। इसी दौरान घने जंगलों से निकलकर एक विशालकाय जंगली हाथी सीधे जेसीबी मशीन और श्रमिकों की तरफ आ धमका। हमला इतना अचानक और अप्रत्याशित था कि वहां मौजूद मजदूरों को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिल सका।
Chhattisgarh हादसे में 22 वर्षीय गौरव और 35 वर्षीय अमर सिंह की जान गई
जंगली हाथी के इस जानलेवा हमले में दो घरों के चिराग बुझ गए। हाथी ने श्रमिकों को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे 22 साल के युवा श्रमिक गौरव की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 35 वर्षीय अमर सिंह को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी सोनहत अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
Chhattisgarh वन विभाग की टीम मौके पर तैनात, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की भयावहता को देखते हुए गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के कर्मचारी और वन विभाग के आला अधिकारी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने स्थिति का मुआयना करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गहरा रोष है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन्यजीवों और हाथियों के मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखी जाए और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

