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रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्‍तव

Himanshu Singh Murder Case Jamshedpur : जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर मानगो में झारखंड सिख कोऑर्डिनेशन कमिटी और सिख समाज आंदोलन समिति की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कमिटी के महासचिव सरदार बलजीत सिंह ने की। बैठक के दौरान हत्याकांड के बाद के हालातों, पोस्टमार्टम, अंतिम संस्कार और प्रशासनिक स्तर पर अब तक की गई कार्रवाई की सघन समीक्षा की गई।

Himanshu Singh Murder Case Jamshedpur पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल

सिख समाज आंदोलन समिति के अध्यक्ष और झारखंड सिख कोऑर्डिनेशन कमिटी के वरिष्ठ सलाहकार सरदार अवतार सिंह भाटिया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्याकांड के बाद पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में प्रशासन ने जो तेजी दिखाई, वैसी ही तत्परता यदि घटना के वक्त मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी दिखाते, तो हिमांशु की जान बचाई जा सकती थी। वक्ताओं ने कहा कि जब हिमांशु मदद के लिए पुलिस वाहन के पास पहुंचे थे, तब उन्हें समय पर सुरक्षा नहीं मिल सकी, जो पुलिस तंत्र की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा, घटना के समय वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

Himanshu Singh Murder Case Jamshedpur निलंबन की कार्रवाई का स्वागत, लेकिन परिवार की भावना सर्वोपरि

बैठक में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं। तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, बिष्टुपुर थाना प्रभारी और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार द्वारा प्रशासन के समक्ष रखी गई अधिकांश मांगों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। ऐसे में यदि पीड़ित परिवार इस समय किसी भी प्रकार के उग्र प्रदर्शन या बंद के पक्ष में नहीं है, तो केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए ‘मशाल जुलूस’ या ‘जमशेदपुर बंद’ का आयोजन करना न्यायसंगत नहीं होगा।

Himanshu Singh Murder Case Jamshedpur राजनीतिक दलों से आंदोलन टालने की अपील

दोनों प्रमुख सिख संगठनों ने साझा बयान जारी कर कहा कि यदि पीड़ित परिवार भविष्य में किसी आंदोलन का आह्वान करता है, तो पूरा समाज उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। लेकिन परिवार की मर्जी के बिना किसी भी संगठन द्वारा आंदोलन चलाना गलत है। समिति ने जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और अन्य राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे परिवार की मानसिक स्थिति और भावनाओं का आदर करते हुए फिलहाल अपने प्रस्तावित मशाल जुलूस और बंद के फैसले पर पुनर्विचार करें और प्रशासन को जांच पूरी करने का समय दें।

बैठक के अंत में दिवंगत हिमांशु सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। संगठनों ने चेतावनी भी दी कि यदि आगे चलकर

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