रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्तव
Jamshedpur SSP Saraikela SP Removed Hemant Soren : झारखंड के जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में बार के बाहर हुए जानलेवा हमले और करणी सेना के युवा नेता की मौत के बाद सूबे की सियासत और पुलिस महकमे में बड़ा भूचाल आया है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाते हुए जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (SP) निधि द्विवेदी को उनके पदों से तत्काल हटा दिया है। इन दोनों आईपीएस अधिकारियों को फिलहाल पुलिस मुख्यालय संबद्ध (Attach) कर दिया गया है।
Jamshedpur SSP Saraikela SP Removed Hemant Soren कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, बड़े अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के जरिए इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने और विधि-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण यह फैसला लिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री ने चाईबासा के कमिश्नर और रांची के एडीजी को प्रभावित इलाकों में खुद कैंप करने तथा रोजाना सुरक्षा समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, जमशेदपुर के डीआईजी को भी मौके पर रहकर हर पुलिसिया कार्रवाई की खुद निगरानी करने को कहा गया है।
Jamshedpur SSP Saraikela SP Removed Hemant Soren क्या था मामला जिसके बाद हुआ यह कड़ा प्रशासनिक फेरबदल?
यह पूरा विवाद शनिवार की देर रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन बार’ के बाहर शुरू हुआ था। जहाँ कुछ युवकों ने आपसी रंजिश के चलते करणी सेना के युवा नेता हिमांशु कुमार सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से जख्मी हिमांशु ने टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हिंसक वारदात में आदित्यपुर के रहने वाले प्रत्युष आनंद भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया है।
Jamshedpur SSP Saraikela SP Removed Hemant Soren पुलिस की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल, भारी आक्रोश के बाद एक्शन
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। घटना के कुछ कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि वारदात के वक्त मौके पर पुलिस की गाड़ियां और टाइगर मोबाइल के जवान मौजूद थे, लेकिन वे हमलावरों को रोकने में नाकाम रहे। इस लापरवाही से नाराज करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर चक्काजाम कर भारी विरोध प्रदर्शन किया। बढ़ते जन-आक्रोश और कानून-व्यवस्था के बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ये भी पढ़े: Maharashtra SIT Illegal IVF Sonography Centres: सरकार ने बनाई SIT, मकोका (MCOCA) लगाने पर हो रहा विचार

