By: Ravindra Singh
High Protein : 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में धीरे-धीरे कई बदलाव आने लगते हैं। मांसपेशियों का कम होना, हड्डियों की मजबूती प्रभावित होना, हार्मोनल बदलाव और मेटाबॉलिज्म में परिवर्तन जैसी स्थितियां इस उम्र के बाद ज्यादा ध्यान देने योग्य हो जाती हैं। ऐसे में संतुलित डाइट के साथ पर्याप्त प्रोटीन लेना शरीर को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकता है।
भारतीय भोजन में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक और प्रोटीन अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए रोजाना के खान-पान में प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करना जरूरी हो जाता है। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत के साथ शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।
High Protein 30 के बाद महिलाओं के लिए प्रोटीन क्यों महत्वपूर्ण है?
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मसल्स मास धीरे-धीरे कम हो सकता है। महिलाओं में मेनोपॉज के आसपास होने वाले हार्मोनल बदलाव इस प्रक्रिया को और प्रभावित कर सकते हैं। एस्ट्रोजन का स्तर कम होने पर मांसपेशियों और हड्डियों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।
पर्याप्त प्रोटीन लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में सहायक हो सकता है, जिससे वजन को मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है।
High Protein डाइट में शामिल करें ये हाई-प्रोटीन फूड्स
1. पनीर
पनीर प्रोटीन के साथ कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत है। शाकाहारी महिलाओं के लिए यह डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान विकल्प हो सकता है। इसे सब्जी, सलाद या स्नैक के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है।
2. टोफू
जो महिलाएं वीगन डाइट फॉलो करती हैं या डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं लेतीं, उनके लिए टोफू अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सोयाबीन से तैयार किया जाता है और इसमें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन मिलता है। टोफू को सब्जियों, सलाद या स्टर-फ्राई के रूप में खाया जा सकता है।
3. अंडा
अंडा प्रोटीन का सुविधाजनक और पौष्टिक स्रोत माना जाता है। एक सामान्य अंडे से लगभग 6 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। इसे उबालकर, ऑमलेट या अन्य स्वस्थ तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है। अंडे की जर्दी में विटामिन डी समेत कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।
4. सोयाबीन
शाकाहारी भोजन में सोयाबीन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसे सीमित और संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। सोया से बने अन्य खाद्य पदार्थ भी रोजाना के प्रोटीन सेवन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
5. दाल, चना और राजमा
दालें और अन्य फलियां भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। मसूर, मूंग, चना, छोले और राजमा जैसे खाद्य पदार्थों से प्लांट प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करना संतुलित डाइट के लिए फायदेमंद हो सकता है।
High Protein सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, पूरी डाइट पर दें ध्यान
30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए केवल प्रोटीन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, स्वस्थ वसा, कैल्शियम और अन्य जरूरी पोषक तत्वों को भी उचित मात्रा में शामिल करना चाहिए। इसके साथ पर्याप्त नींद और नियमित एक्सरसाइज भी शरीर को फिट रखने में अहम भूमिका निभाती है।
अगर किसी महिला को किडनी की बीमारी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो हाई-प्रोटीन डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी तरह का डाइट प्लान शुरू करने या अपने खान-पान में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी दावे की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं करता है।
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