रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Silver and Gold : वैश्विक बाजार में बदलते समीकरणों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना दिया है। शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने और चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में अपनी धाक जमाने वाले सोने की कीमतों में आई इस कमी से उन निवेशकों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से भाव गिरने का इंतजार कर रहे थे।
Silver and Gold MCX पर ताजा भाव: सोने और चांदी में भारी सेंध
भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई।
- सोना: जून वायदा सोना करीब 594 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,167 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। मांग में कमी के चलते कारोबार के दौरान यह 1,50,750 रुपये के निचले स्तर तक भी पहुंचा।
- चांदी: चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तीखी रही। मई वायदा चांदी लगभग 2,300 रुपये टूटकर 2,39,200 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। हालांकि, निचले स्तरों पर थोड़ी खरीदारी के कारण बाद में मामूली रिकवरी भी देखी गई।
Silver and Gold अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) का दबाव
ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी का रुख साफ नजर आया। कॉमैक्स (COMEX) पर सोना 1% की गिरावट के साथ 4,684 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी भी दबाव में रही और 74 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार और वायदा कारोबार पर पड़ रहा है।
Silver and Gold गिरावट के पीछे 3 बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस नरमी के पीछे मुख्य रूप से तीन वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं:
- मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी डॉलर के इंडेक्स में मजबूती आने से अन्य करेंसी वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित हुई है।
- कच्चे तेल का प्रभाव: ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से वैश्विक महंगाई की चिंता बढ़ गई है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हुई है, जो सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक संकेत है।
- शेयर बाजार में हलचल: भारतीय शेयर बाजार (Sensex और Nifty) में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल नकदी बचाने और सतर्क रुख अपनाने पर जोर दे रहे हैं।
Silver and Gold आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक (Short-term) रूप से कीमतों में यह नरमी जारी रह सकती है। हालांकि, मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों को देखते हुए लंबी अवधि में कीमतें फिर से उछाल भर सकती हैं। जानकारों के मुताबिक, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) यानी खरीदारी का एक सुनहरा मौका साबित हो सकती है।
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