लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा कर दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था, लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या जैसे गंभीर विषयों पर केंद्र सरकार को घेरा है।
“सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाना पूरी तरह गलत”: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार और प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताई। उन्होंने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा:
“देश में पेपर लीक की घटनाएं, शिक्षा का लगातार महंगा होना और युवाओं व छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े बेहद गंभीर और बुनियादी सवाल हैं। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से बलपूर्वक हटाना पूरी तरह गलत है। उनका यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक था और वे शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे।”
राहुल गांधी ने आगे दृढ़ता से कहा कि कोई भी ताकत भारत के विद्यार्थियों और देश के उन सभी नागरिकों को, जो युवाओं के भविष्य में विश्वास रखते हैं, इन न्यायसंगत मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं धकेल सकती।
छात्रों के समर्थन में २१ दिनों से अनशन पर बैठे थे वांगचुक
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले २१ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे थे।
- क्या थी मांग: देश में हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी और अकादमिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र (Paper Leak) लीक होने की घटनाओं के खिलाफ छात्र बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर रहे थे। वांगचुक इन छात्रों के समर्थन में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे।
- पुलिस का एक्शन: शनिवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम जंतर-मंतर पहुंची और अनशन स्थल से वांगचुक को जबरन उठाकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के दौरान जंतर-मंतर पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जैसे ही पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, वहां मौजूद छात्रों और समर्थकों ने सोनम वांगचुक को ले जाने से रोकने के लिए उनके चारों तरफ एक सुरक्षात्मक मानव श्रृंखला (Human Chain) बना ली।
चश्मदीदों के मुताबिक, कार्रवाई को छुपाने के लिए पुलिसकर्मियों ने वांगचुक को गाड़ी में बैठाने से पहले मंच के चारों ओर एक बड़ा सफेद पर्दा तान दिया था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और आक्रोशित प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। फिलहाल विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है।
