Delhi Mock Parliament CitizensDelhi Mock Parliament Citizens
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Delhi Mock Parliament Citizens:राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है, जहां एक ओर देश की सियासत दो अलग-अलग ध्रुवों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ ‘सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ संगठन द्वारा ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के कार्यक्रम को मौसम के चलते टालना पड़ा है। इन आयोजनों से दिल्ली का राजनीतिक पारा पूरी तरह गर्माया हुआ है।

‘सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ का मॉक पार्लियामेंट और मुख्य मुद्दे

Delhi Mock Parliament Citizens:एनडीएमसी (NDMC) कन्वेंशन सेंटर में ‘सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ की ओर से आयोजित इस विशेष मॉक पार्लियामेंट का मुख्य विषय ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता‘ रखा गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े कई गंभीर और ज्वलंत विषयों पर चर्चा करना है। संगठन के अनुसार, इस मंच पर निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर व्यापक मंथन किया जा रहा है:

  • हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और संसदीय मर्यादाओं का निर्वहन
  • लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, स्वायत्तता और विश्वसनीयता
  • राजनेताओं और दलों की राजनीतिक जवाबदेही
  • एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया, ईवीएम (EVM) की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग की भूमिका
  • वोट चोरी के आरोपों की हकीकत तथा लोकतांत्रिक असहमति और अराजकता के बीच का बुनियादी फर्क

खास बात यह है कि इस कार्यक्रम को किसी भी राजनीतिक दल के आधिकारिक एजेंडे से दूर रखा गया है, जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी इस आयोजन से दूरी बनाकर रखी है, हालांकि इस आयोजन की थीम सत्ता पक्ष के रुख से मेल खाती नजर आ रही है।

बारिश के कारण टाला गया विपक्ष का ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम

Delhi Mock Parliament Citizens:दूसरी ओर, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रियाओं में कथित धांधली को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘मॉक पार्लियामेंट’ को अब ‘जन महाभियोग’ के रूप में बदला गया है।

पहले यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर 3 बजे आयोजित होना था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में हुई झमाझम बारिश के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। अब यह आयोजन शनिवार को किया जाएगा। इस कार्यक्रम का संचालन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा किया जाएगा, जिन्हें सहयोग देने के लिए समाजवादी पार्टी के एक सांसद भी मौजूद रहेंगे।

  • वक्ताओं की रूपरेखा: इस महाभियोग कार्यक्रम में कुल 19 विपक्षी दलों के नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। अधिकांश नेताओं को 5-5 मिनट का समय दिया जाएगा, जबकि समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रतिनिधियों को 10-10 मिनट का समय आवंटित किया गया है।
  • पीड़ितों की मौजूदगी: इस मंच पर उन आम नागरिकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। विपक्ष का दावा है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जनता की आवाज उठाने का सशक्त माध्यम है।

विपक्ष की घेराबंदी का बीजेपी ने निकाला तोड़

Delhi Mock Parliament Citizens:एक नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की संभावित बड़ी रैली और सीईसी के इस्तीफे की मांग के जवाब में बीजेपी ने भी आक्रामक रणनीति अपनाई है। बीजेपी ने इसके काट के रूप में देश भर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ‘ पदयात्रा की शुरुआत की है।

पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में 28 अक्टूबर को चांदनी चौक से इस अभियान का आगाज किया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात के कई प्रमुख शहरों में भी इस पदयात्रा के जरिए विपक्ष के उन दावों की हवा निकालने की कोशिश की जा रही है, जिनमें विपक्षी दल अपनी चुनावी पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग और निष्पक्ष संस्थाओं पर फोड़ते आए हैं।

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