रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Ambikapur : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में महान जनजातीय नेता बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी समारोह के अवसर पर राज्य की पहली 8 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस विशाल प्रतिमा का वर्चुअल माध्यम से अनावरण किया। इस दौरान कला केंद्र मैदान में आयोजित भव्य समारोह में 22 जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक महारैली निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
जनजातीय महारैली में दिखी लोक संस्कृति की अनूठी झलक
Ambikapur प्रतिमा लोकार्पण के अवसर पर आयोजित समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान शहर में निकाली गई विशाल महारैली में 22 जनजातीय समाजों के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्यों और रीति-रिवाजों के साथ शामिल हुए, जिससे पूरा शहर जनजातीय संस्कृति के रंगों में सराबोर हो गया।
28 करोड़ की फोरलेन सड़क का भूमिपूजन
Ambikapur समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की बड़ी सौगात भी मिली। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के सोनतराई से सुर तक बनने वाली 2.8 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना का भूमिपूजन किया गया। 28 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र में आवागमन को सुगम और व्यापारिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी।
शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बदला, बाबा कार्तिक उरांव को दिया सम्मान
Ambikapur कार्यक्रम के दौरान सरगुजा स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ करने का ऐतिहासिक ऐलान किया गया। बाबा कार्तिक उरांव ने अपना पूरा जीवन जनजातीय समाज के अधिकारों, शिक्षा और उत्थान के लिए समर्पित किया था। कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखना उनके बहुमूल्य योगदान को एक सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है।
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