रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Coal Levy Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले (Coal Levy Scam) की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को गरियाबंद जिले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने गोबरा नवापारा और राजिम क्षेत्रों में स्थित प्रमुख कारोबारियों के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस अचानक हुई छापेमारी से जिले के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
सर्राफा और कपड़ा कारोबारियों के ठिकानों पर तड़के दबिश
Coal Levy Scam सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, EOW और ACB की टीमों ने संयुक्त रूप से कारोबारी विमल पारख और राजा पारख के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों—’शांति विजय’ और ‘नवकार ज्वेलर्स’ पर छापेमारी की। टीम कोल घोटाले के तार इन कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े होने की आशंका के तहत जांच में जुटी है। मौके पर मौजूद अधिकारी लेन-देन, बिलिंग और कंप्यूटर रिकॉर्ड्स का गहन विश्लेषण कर रहे हैं।
कारोबारी के आवास पर भी पहुँची टीम, दस्तावेजों की छानबीन जारी
Coal Levy Scam व्यावसायिक परिसरों के साथ-साथ जांच एजेंसियों का दल बिजनेसमैन राजा पारख के निजी आवास पर भी पहुँचा। इसके अतिरिक्त उनसे जुड़े कई अन्य संभावित ठिकानों पर भी एक साथ जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा कई अहम फाइलों, बही-खातों और डिजिटल डेटा को अपने कब्जे में लेकर पड़ताल की जा रही है।
व्यापारिक वर्ग में मची अफरा-तफरी, आधिकारिक बयान का इंतजार
Coal Levy Scam राजिम और नवापारा में एक साथ हुई इस बहुचर्चित कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। फिलहाल जांच दल की कार्रवाई जारी है और एजेंसियों द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पड़ताल पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि छापेमारी के दौरान क्या-क्या संदिग्ध दस्तावेज या संपत्तियों के ब्योरे हाथ लगे हैं।

