रिपोर्टर: अजय गौर
CBSE : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आगामी सत्रों की बोर्ड परीक्षाओं के लिए अध्ययन योजना (Scheme of Studies) में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा से छात्रों को 5 अनिवार्य विषयों के साथ एक ऐच्छिक (Optional) विषय चुनने का विकल्प दिया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र गणित या विज्ञान जैसे किसी मुख्य विषय में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो ऐच्छिक विषय के अंकों की सहायता से वह परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेगा।
2026-27 के 9वीं के छात्रों पर लागू होंगे नए नियम
CBSE द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, ये बदलाव मुख्य रूप से सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होंगे, जो 2028 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। वर्तमान में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, बोर्ड की संशोधित अध्ययन योजना में कंप्यूटेशनल थिंकिंग, इंटरडिसिप्लिनरी सब्जेक्ट्स और एआई (AI) मॉड्युल को शामिल नहीं किया जाएगा।
एनवायर्नमेंटल एजुकेशन बाहर, वोकेशनल एजुकेशन हुई अनिवार्य
CBSE वर्ष 2027-28 के पाठ्यक्रम से ‘एनवायर्नमेंटल एजुकेशन’ विषय को हटा दिया गया है। वहीं, 2028 के 10वीं बैच के विद्यार्थियों के लिए वोकेशनल शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है। छात्र कौशल विकास या बोर्ड द्वारा जारी 22 स्वीकृत विषयों की सूची में से अपने पसंदीदा ऐच्छिक विषय का चयन कर सकेंगे।
स्किल सर्टिफिकेट और मार्कशीट में दर्ज होंगे अंक
CBSE बोर्ड ने वोकेशनल एजुकेशन के मूल्यांकन के लिए दो विकल्प प्रदान किए हैं। विद्यार्थी या तो स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन चुन सकते हैं, या फिर बोर्ड की परीक्षा देकर आधिकारिक ‘स्किल सर्टिफिकेट’ प्राप्त कर सकते हैं। कौशल विषयों में प्राप्त अंक और ग्रेड बोर्ड द्वारा जारी की जाने वाली अंतिम अंकसूची (Marksheet) में भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
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