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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Indore : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और औद्योगिक केंद्र पीथमपुर के बीच की दूरी अब केवल समय ही नहीं, बल्कि विकास के नए मायने भी तय करेगी। नैनोद से AB रोड तक बनने वाले बहुप्रतीक्षित ‘इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर’ का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस ₹329 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट का भूमि पूजन कर क्षेत्र को नई सौगात देंगे।

Indore 250 फीट चौड़ा और 6-लेन का होगा यह ‘हाई-टेक’ कॉरिडोर

यह प्रोजेक्ट आधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का एक उत्कृष्ट उदाहरण होगा। 20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • सिक्स लेन (6-Lane): वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए इसे छह लेन का बनाया जा रहा है।
  • विशाल चौड़ाई: इस पूरे कॉरिडोर की चौड़ाई 250 फीट होगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों को भी यातायात में कोई बाधा नहीं आएगी।
  • कनेक्टिविटी: यह कॉरिडोर सीधे इंदौर के नैनोद को एबी रोड से जोड़ेगा, जिससे पीथमपुर जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों का समय बचेगा।

Indore निवेश और उद्योगों के लिए बनेगा ‘ग्रोथ इंजन’

सरकार इस कॉरिडोर को केवल एक सड़क के रूप में नहीं, बल्कि मालवा क्षेत्र के विकास के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में देख रही है।

  • लॉजिस्टिक्स को गति: पीथमपुर जैसे औद्योगिक हब के पास इस तरह के आधुनिक मार्ग से माल की ढुलाई सस्ती और तेज होगी।
  • नए निवेशकों का आकर्षण: बेहतर कनेक्टिविटी होने से बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े निवेशकों को इंदौर की ओर आकर्षित करना और भी आसान हो जाएगा।
  • रियल एस्टेट में उछाल: कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Indore रोजगार के नए अवसर और किसानों को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुसार, इस इकोनॉमिक कॉरिडोर का अंतिम लक्ष्य स्थानीय स्तर पर समृद्धि लाना है।

  • युवाओं को काम: औद्योगिक विस्तार के साथ ही हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • किसानों की सुगम पहुंच: बेहतर बुनियादी ढांचे से ग्रामीण अंचलों के किसानों की पहुँच मंडियों और प्रसंस्करण इकाइयों (Processing Units) तक आसान होगी।
  • ट्रैफिक से राहत: इस मार्ग के शुरू होने से इंदौर शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे आम नागरिकों का सफर भी आसान होगा।

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