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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Agritech Registration Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के तहत धान खरीदी की प्रशासनिक तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। इस बार राज्य सरकार ने सरकारी केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के इच्छुक सभी किसानों के लिए ‘एग्रीटेक रजिस्ट्रेशन’ (Agritech Registration) कराना अनिवार्य कर दिया है। शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि कोई भी पात्र किसान तय समय सीमा के भीतर एग्रीटेक प्रणाली में अपना पंजीकरण नहीं करवाता है, तो वह सरकारी उपार्जन केंद्रों पर अपनी फसल बेचने से वंचित रह जाएगा।

Agritech Registration Chhattisgarh पंजीकरण की समय सीमा: 3 जुलाई से 31 अक्टूबर तक का समय

राज्य सरकार के कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, धान खरीदी के लिए एग्रीटेक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है, जो 31 अक्टूबर तक जारी रहेगी। यह नियम प्रदेश के सभी भू-स्वामी (नियमित भूमि धारक) किसानों और वनाधिकार पट्टाधारी किसानों पर समान रूप से लागू होगा। राहत की बात यह है कि जिन किसानों का पहले से ही वैध डिजिटल पंजीकरण मौजूद है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल नए या छूटे हुए किसानों को ही इस अवधि में अपना नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

Agritech Registration Chhattisgarh धान उपार्जन केंद्रों पर ही मिलेगी पंजीकरण की सुविधा

किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अलग से भटकने के बजाय सभी स्थानीय धान उपार्जन केंद्रों (खरीदी केंद्रों) पर ही Agritech Registration की सुचारू व्यवस्था की है। किसान अपने आवश्यक भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक और पहचान पत्र के साथ नजदीकी केंद्र पर जाकर अपना सुगम पंजीकरण करा सकते हैं। सहकारिता विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तारीखों में होने वाली तकनीकी दिक्कतों और भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें।

Agritech Registration Chhattisgarh बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगी सरकारी खरीद

शासन ने कड़े रुख में साफ कर दिया है कि तय समय सीमा यानी 31 अक्टूबर के बाद किसी भी गैर-पंजीकृत किसान की धान समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदी जाएगी। बिचौलियों पर लगाम कसने और वास्तविक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस डिजिटल व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। इसलिए सभी पात्र किसान भाई बिना किसी देरी के अपना एग्रीटेक पंजीयन सुनिश्चित करें ताकि फसल बेचते समय उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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