ChhatisgarhChhatisgarh
Spread the love

रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Chhatisgarh : बीता सप्ताह छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों और व्यवस्थागत व्यवस्थाओं में उठापहल से भरा रहा। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा एक और बड़ा शिकंजा कसने के साथ-साथ खेल विभाग की खरीद में वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए। एक तरफ जहाँ राज्य के करीब 80 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करने के फैसले ने बड़ी राहत दी, वहीं युवाओं की अटकी भर्ती परीक्षाओं ने चिंता भी बढ़ाई। इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर दौरा और संघ प्रमुख मोहन भागवत का प्रवास भी पूरे हफ्ते सुर्खियों में बना रहा।

शराब घोटाला और खेल विभाग की खरीद पर उठे गंभीर सवाल

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में शुमार शराब मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। ईओडब्ल्यू और एसीबी ने 20 व्यक्तियों तथा 22 कंपनियों के खिलाफ लगभग 27 हजार पन्नों का दसवां चालान अदालत में पेश किया है, जिसमें घोटाले की राशि 3,076 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है और आबकारी अपर आयुक्त को निलंबित किया गया है। इसके अलावा, खेल विभाग में खेल उपकरणों और सेवाओं के भुगतान के दौरान टेंडर प्रक्रिया से बचने के लिए बिलों को टुकड़ों में बांटने का मामला सामने आने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

80 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की राह आसान

प्रदेश के लगभग 80 हजार सेवारत शिक्षकों के लिए इस हफ्ते बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कक्षा पहली से आठवीं तक अध्यापन कार्य करा रहे शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने पर अपनी सहमति दे दी है। यह परीक्षा व्यावसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से कंप्यूटर आधारित पद्धति से साल में दो बार कराई जाएगी। इस अहम निर्णय से लंबे समय से टीईटी अनिवार्यता के कारण अपनी नौकरी और पदोन्नति को लेकर असमंजस में फंसे शिक्षकों को बड़ी मानसिक शांति और भविष्य की सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है।

राष्ट्रपति का बस्तर दौरा और संघ प्रमुख मोहन भागवत का प्रवास

सांस्कृतिक और संगठनात्मक दृष्टिकोण से भी यह हफ्ता बेहद खास रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर का दौरा कर मां दंतेश्वरी के दर्शन किए और ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति व परंपराओं को राष्ट्रीय पटल पर रेखांकित किया। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बिलासपुर प्रवास और बैठकों के जरिए संगठन के विस्तार तथा प्रांतीय ढांचे में संभावित बदलावों पर व्यापक मंथन किया गया, जिसने राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल मचा दी है।

ये भी पढ़े: Patiala kidnapping murder case: पटियाला में दिनदहाड़े युवक का अपहरण कर निर्मम हत्या, संगरूर में मिला शव; सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात

You missed