रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सिरोल और मुरार इलाकों में तीन अलग-अलग स्थानों पर औचक छापेमारी की। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई जा रही और बेची जा रही कुल 66 कार्बाइड गन जब्त की गईं। इसके साथ ही भारी मात्रा में पोटाश और पटाखों का अवैध स्टॉक भी बरामद किया गया है।
सिरोल में चल रहा था कार्बाइड गन का अवैध निर्माण, 58 गन और पोटाश बरामद
एसडीएम अतुल सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सिरोल चौराहे के पास स्थित ‘मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स’ पर छापा मारा। जांच में खुलासा हुआ कि यहाँ दीपावली के लिए विशेष ऑर्डर पर कार्बाइड गन तैयार की जा रही थीं। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के दौरान दुकान संचालक रमन ओझा के पास से 47 सिंगल बैरल, 10 डबल बैरल और एक पांच पाइप वाली यानी कुल 58 कार्बाइड गन बरामद की गईं। इसके अलावा मौके से 5 पैकेट पोटाश भी जब्त किए गए, और आरोपी से पूछताछ जारी है।
मुरार की दुकानों पर भी छापा, प्रतिबंधित गनों के साथ पटाखों का अवैध स्टॉक मिला
सिरोल के अलावा पुलिस ने मुरार के घासमंडी इलाके में भी दो दुकानों पर दबिश दी। यहाँ कार्रवाई के दौरान अनिल झा की दुकान से 6 और काले खान की दुकान से 2 कार्बाइड गन बरामद हुईं। इस तरह सिरोल और मुरार को मिलाकर कुल 66 कार्बाइड गन जब्त की गईं। इसके साथ ही मुरार के खरलापुरा और सांमनगर क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति के रखे गए पटाखों के भारी स्टॉक का भी भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने लगभग 69 हजार रुपये मूल्य के पटाखे जब्त कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
पिछले साल हुए हादसों के बाद प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने लगाई पाबंदी
गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में कार्बाइड गन के इस्तेमाल से प्रदेशभर में 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें अकेले ग्वालियर के 19 मामलों में 18 लोगों की आंखों के कॉर्निया को नुकसान पहुँचा था। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कार्बाइड गन के निर्माण, क्रय और विक्रय पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। प्रशासन की यह सख्त मुहिम दीपावली के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आगे भी जारी रहेगी।

