रिपोर्टर: अरविन्द सिंह
Bhopal : मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। लगभग दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में सरकारी नियंत्रण वाली बस सेवा की पुनर्वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ तथा ‘पीएम ई-बस सेवा’ की शुरुआत करते हुए 351 अत्याधुनिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई सेवा के जरिए राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच आवागमन को सुगम, सुरक्षित और किफायती बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यावरण अनुकूल ई-बसें और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं
Bhopal इस नई बस सेवा में यात्रियों के आराम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बेड़े में शामिल 351 बसों में से 180 बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक (E-Buses) हैं, जो प्रदूषण घटाने में मदद करेंगी। यात्रियों का सफर जेब पर भारी न पड़े, इसके लिए औसतन ₹2 प्रति किलोमीटर के आधार पर किराया तय किया गया है। महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर बस में 7 सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग के ‘लोकपथ ऐप’ पर सभी बसों की समय-सारणी उपलब्ध कराई गई है ताकि यात्री आसानी से अपनी यात्रा की योजना बना सकें।

गांव-शहर की कनेक्टिविटी और 2031 तक 15,000 बसों का बड़ा लक्ष्य
Bhopal प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शहरों के साथ-साथ राज्य के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों को भी मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत राज्य की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक नियमित बस सेवा पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। यह पूरी व्यवस्था पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगी। पहले वर्ष में प्रदेशभर में करीब 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य है, जिसे प्रतिवर्ष बढ़ाते हुए वर्ष 2031 तक 15,000 से अधिक बसों तक ले जाने का खाका तैयार किया गया है। इससे किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं को रोजाना के आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

भोपाल और इंदौर समेत 7 शहरों में पहले चरण का परिचालन
Bhopal योजना के शुरुआती चरण में प्रदेश के 7 प्रमुख नगरीय क्षेत्रों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी मार्गों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके तहत इंदौर को सर्वाधिक 145 बसें (95 इंट्रासिटी और 50 इंटरसिटी), भोपाल को 106 बसें (83 इंट्रासिटी और 23 इंटरसिटी) तथा जबलपुर को 67 बसें आवंटित की गई हैं। इनके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों की शुरुआत की गई है। वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम के बंद होने के बाद निजी बसों पर निर्भर रहने वाले यात्रियों के लिए यह नई सुगम परिवहन सेवा एक बड़ी राहत साबित होगी।

